मुजफ्फरपुर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वजन दवा सेवन अभियान जिले में 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक कुल 17 दिनों के लिए चलाया जाएगा। इस दौरान जिले की लगभग 60 लाख से अधिक आबादी को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी। अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।
जिले में 2409 दवा सेवन टीमें गठित की गई हैं। यानि एक टीम औसतन 147 लोगों को एक दिन में ये दवा खिलाई या उपलब्ध करवाएगी। इन टीमों में 3571 आशा कार्यकर्ता, 1294 आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं अन्य स्वयंसेवक शामिल हैं। इनके कार्यों की निगरानी के लिए 227 पर्यवेक्षकों की भी तैनाती की गई है। सभी टीमों को आवश्यक प्रशिक्षण, दवाएं एवं डोज पोल उपलब्ध करा दिए गए हैं।
अभियान के तहत 11 फरवरी 2026 को राज्यव्यापी मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर जिले के सभी गांवों और शहरी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष बूथ लगाए जाएंगे। इसके लिए विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। मेगा कैंप के दौरान जीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने परिवार एवं आसपास के लोगों के साथ बूथ पर पहुंचकर फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करेंगी और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी। आईसीडीएस, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय एवं तत्पर होकर लोगों को जागरुक एवं प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है।
2 दो चरणों में चलेगा दवा सेवन अभियान कटरा प्रखंड को छोड़कर इस अभियान का पहला चरण 10 फरवरी से 24 फरवरी तक चलेगा। इसमें स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाएंगी। जबकि दूसरे चरण में जो कि 25 फरवरी से 27 फरवरी तक प्रस्तावित है जिसके अनुसार विशेष बूथ लगाकर स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, फैक्ट्री, ईंट भट्ठा, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर दवा खिलाई और वितरित की जाएगी।
दवा किसे नहीं दी जाएगी आपको बता दें कि यह ‘फाइलेरिया’ नामक परजीवी कृमि के कारण होता है, कई महीनों या सालों तक लगातार संक्रमित मच्छरों के काटने से होता है। स्वास्थ्य विभाग ने दवा कभी भी खाली पेट नहीं लेने की अपील की है। साथ ही 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति, प्रसव के एक सप्ताह के भीतर की महिलाएं को यह दवा नहीं दी जाएगी। इसमें 3 टाइप की दवाइयां वितरित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से मुक्ति के लिए यह अभियान एक सामूहिक प्रयास है और जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका अहम है।

