चुनाव आयोग SIR अपडेशन के दौरान सबसे कम नाम केन्द्र शासित प्रदेश लक्ष्यद्वीप में कटे। मतदाता गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में बीजेपी शासित राज्य में ही सबसे ज्यादा नाम कट गए। SIR की अब तक की पूरी अपडेट आपको दे रहे हैं।
चुनाव आयोग के द्वारा बताया गया कि मृत्यु,स्थाई पता का बदल जाना, अलग अलग राज्यों में नाम होना और अन्य परिस्थितियों के कारण नाम हटाए गए हैं। सबसे कम 206 नाम केंद्रशासित प्रदेश लक्ष्यद्वीप से काटे गए हैं। वही गुजरात में सबसे ज्यादा नाम कटे हैं। यहां 68 लाख 12 हजार 711 नाम कटे हैं। पुनरीक्षण से पहले की मतदाता सूची में 5,08,43,436 नाम थे जो अब घटकर 4,40,30,725 नाम रह गए।
वही बीजेपी शासित एक दूसरे राज्य मध्य प्रदेश में भी 34,25,078 नाम कट गए। पहले 5,74,06,143 नाम मतदाता सूची में थे जो घटकर 5,39,81,065 रह गए।
यहां बीजेपी शासित एक अन्य राज्य राजस्थान के पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो पहले यहां 5,46,56,215 मतदाता थे जो अब घटकर 5,15,19,929 रह गए। यहां 31,36,286 मतदाताओं की कमी आ गई है।
छत्तीसगढ़ में भी 24,99,824 मतदाता घट गए। पहले 2,12,30,737 मतदाता सूची में दर्ज थे। वही अब घटकर 1,87,30,914 रह गए हैं।
वही अब बीजेपी शासित राज्य से अलग केरल के आंकड़ों पर नजर डाले तो यहां 8,97,211 मतदाता घटकर 2,69,53,644 रह गए। जबकि पुनरीक्षण के पहले यहां 2,78,50,855 मतदाता थे।
खेल वाले राज्य बंगाल का अंतिम आंकड़ा तो 28 फरवरी को आएगा। लेकिन सूत्रों के हवाले से जो खबरें आ रही है उसके अनुसार लगभग 68 लाख के आसपास बंगाल में मतदाताओं के नाम कट जाएंगे। लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।।

