क्रिटिकल ऑपरेशन का, लेप्रोस्कॉपी और रोबोटिक दोनों में है 15 सालो का अनुभव
नशेबाजों का आतंक इस कदर बढ़ गया है, आमलोग इन से बच कर निकलना ही बेहतर समझते हैं। इनमें पुलिस का भी खौफ नहीं है। इसी कड़ी में सुबह मुजफ्फरपुर के फतेहपुर कांटी निवासी 38 वर्षीय विजेंद्र किशोर पर गांव के बगीचे में स्मैकियरो ने हत्या के इरादे से फायरिंग कर दी। जिसमें 1 गोली विजेंद्र किशोर को लगी और वही गिर पड़े। आनन फानन में परिजनों ने विजेंद्र किशोर को मां जानकी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।
जैसे ही यह जानकारी मां जानकी हॉस्पिटल, मुजफ्फरपुर के डॉक्टर अमृतांशु प्रांजल को मिली, तो वह अविलंब अस्पताल पहुंचे। घायल की अवस्था को देख उन्होंने तुरंत ऑपरेशन थियेटर तैयार कराया और ऑपरेशन की तैयारी में लग गए।
मां जानकी हॉस्पिटल मुजफ्फरपुर के डॉ अमृतांशु प्रांजल काफी अनुभवी डॉक्टर हैं। ये हर तरह के क्रिटिकल ऑपरेशन का, लेप्रोस्कॉपी और रोबोटिक दोनों में माहिर डॉक्टर हैं। इनका 15 सालो का अनुभव किसी भी मरीज के लिए वरदान से कम नहीं है। इनकी प्रसिद्धि सिर्फ मुजफ्फरपुर में ही नहीं बल्कि दिल्ली तक फैली है। इन्हीं अनुभवों ने विजेंद्र किशोर की जान बचा ली।
डॉ अमृतांशु प्रांजल ने सफल ऑपरेशन कर न केवल इस घायल मरीज के शरीर से गोली निकाली बल्कि एक नया जीवन भी दिया। केवल इतना ही नहीं, अभी उनके पिता जी डॉक्टर धीरेन्द्र प्रसाद सिंह का देहांत हुआ था, उस श्राद्ध कर्म के बीच में भी इन्होंने 2 सफल ऑपरेशन कर 2 लोगों को जीवनदान दिया। चिकित्सक धर्म का बखूबी पालन करने वाले डॉ अमृतांशु प्रांजल बहुत ही कर्मठ और ईमानदार किस्म के इंसान हैं।

