पांच राज्यों में आज यानी रविवार को चुनाव का बिगुल फूंक सकता है। आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है। इन 5 राज्यों में दो भाजपा शासित राज्य हैं वही तीन राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक दलों का शासन है।

केंद्रीय चुनाव आयोग 5 राज्यों के चुनाव के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु असम सहित 5 राज्यों में चुनाव होना है। केरल और पुडुचेरी में भी चुनाव इसी साल होना है। चुनाव आयोग की टीम पिछले 2 महीने से के राज्यों में चुनाव से संबंधित कार्यों का जायजा ले रही थी।

इन इन राज्यों में होने वाला चुनाव राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करने वाला भी माना जा रहा है। पिछले कुछ सालों में बीजेपी लगातार पश्चिम बंगाल में अपनी पैठ बना रही है। पिछले दो विधानसभा चुनाव में बीजेपी की मतदाताओं के ऊपर एक अच्छी पकड़ बनी है। वैसे पश्चिम बंगाल का चुनाव बिहार के बाद सबसे ज्यादा खून खराबे वाला चुनाव माना जाता रहा है। बिहार में होने वाला चुनाव अब कानूनी दृष्टि से काफी बेहतर हो चुका है। वहीं पश्चिम बंगाल आज भी चाहे वह वार्ड के चुनाव हो, लोकसभा के चुनाव हो या विधानसभा के चुनाव, सबसे ज्यादा खून खराबे वाला चुनाव माना गया है। यहां चुनाव आयोग 3 4 चरणों में चुनाव करा सकती है।
तमिलनाडु में DMK का शासन है। चुनाव आयोग यहां 1 ही चरण में चुनाव करा सकती है। बीजेपी भी अपनी पूरी कोशिश में लगी है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं पर अपनी पकड़ बनाए। तमिलनाडु में मतदाताओं पर अपनी पकड़ बनाने के लिए बीजेपी ने तमिलनाडु से सी पी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति बनाया। बीजेपी विधानसभा चुनाव में इसको भुनाने की पूरी कोशिश करेगी।
वहीं असम में बीजेपी का ही शासन है जो उसे बरकरार रखना चाहेगी। हिमंता बिस्वा शर्मा को कांग्रेस से तगड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। 11 साल पहले ही शर्मा कांग्रेस छोड़ बीजेपी आए और असम के मुख्यमंत्री बने। तो शर्मा को कांग्रेस की रणनीति की थोड़ी बहुत जानकारी हो सकती है।
वहीं केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की सरकार है। जबकि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (AINRC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गठबंधन की सरकार है। इन दोनों जगहों पर भी चुनाव 1 ही चरण में चुनाव करा सकती है।

