गर्मी की आहट के साथ ही एईएस को लेकर मुजफ्फरपुर प्रशासन की कवायद शुरू
मुजफ्फरपुर जिलाधिकारी के निर्देश पर गांव में एईएस को लेकर जागरूकता अभियान शुरू हो चुकी है। इसके लिए 5384 आंगनबाड़ी के आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वह घर-घर पहुंचकर इस बीमारी को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाएं।
मुजफ्फरपुर जिले के गांवों में आशा कार्यकर्ताओं तथा आंगनबाड़ी सेविका – सहायिका द्वारा घर-घर जाकर लोगों को एईएस से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। आशा कार्यकर्ता अभिभावकों को बच्चों के खान-पान, स्वच्छता, समय पर भोजन कराने तथा तेज बुखार या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने के लिए जागरूक कर रही हैं।
बिहार के एईएस प्रभावित अन्य 18 जिलों में इस बीमारी की रोकथाम और शीघ्र प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष तैयारी की गई है। इसके तहत आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं को ORS और पेरासिटामोल सिरप उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सके।
मुजफ्फरपुर जिले में कुल 5384 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 53,840 ORS पैकेट और 5384 parasitamol सिरप उपलब्ध कराए जाएंगे। यह दवाएं बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। जिला औषधि भंडार से प्रखंड स्तर पर इन दवाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।
पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ओआरएस और पेरासिटामोल का वितरण घर-घर किया जाएगा। बस सवाल यहीं उठ रहा है कि जिले में 5384 आंगनबाड़ी केंद्र हैं और 5384 पैरासिटामोल syrup उपलब्ध कराई जाएगी तो यह हर घर में कैसे वितरण होगा? क्या मुजफ्फरपुर में आंगनबाड़ी के जितना ही घर है? अब तो DM साहब ही बता पाएंगे कि इसका वितरण वो कैसे कराएंगे।
जिला स्तर पर इन दवाओं की आपूर्ति, वितरण और खपत की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जरूरतमंद लाभार्थियों तक दवाएं समय पर पहुंचें और किसी स्तर पर उनका दुरुपयोग न हो।
सरकारी मशीनरी का काम शायद ही किसी से छिपा हो। जनता अब समझदार हो गई हैं। यह खबर अगर DM साहब के पास पहुंचे तो आग्रह है उनसे कि जरा जनता को बताएं और थोड़ी गणित भी सिखाएं कि 5384 आंगनबाड़ी से ये दवाएं हर घर में कैसे वितरित की जाएगी।

