पिछले 2 जनवरी 2026 से चल रहा है रेल कर्मचारियों का हड़ताल..
स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग को लेकर हाजीपुर रेलवे जोन के रेल कर्मचारी पिछले 2 जनवरी से हड़ताल पर हैं। इन हड़तालरत कर्मचारियों में रनिंग स्टाफ लोकोपायलट और ट्रेन के गार्ड शामिल हैं।
पिछले 56 दिनों से मुजफ्फरपुर स्टेशन के प्लेटफार्म 1 पर अलग सा माहौल दिख रहा है। यहां ट्रेन के हॉर्न और चाय लेलो-पानी लेलो, बिस्किट लेलो की आवाज के साथ ‘रेल प्रशासन हाय हाय’ और ‘मेरी मांगे पूरी करो’ की भी आवाज राहगीरों के कानों में बार-बार सुनने को मिलती है। यह आवाज किसी यात्री की नहीं बल्कि खुद रेल चलाने वाले रेलवे के कर्मचारियों की है जो अपनी मांगों को लेकर प्लेटफार्म पर बैठे हैं।
कई बार तो उनके धरने प्रदर्शन में इनका पूरा परिवार स्टेशन पर उनके साथ बैठा नजर आया है। उनके परिवारों ने भी किसी ने अपने बेटे, तो किसी ने पति और किसी ने पिता को न्याय दिलाने के लिए रेलवे प्रशासन से कई बार गुहार लगाई है। कड़ाके की ठंड के बीच इनका परिवार इनके साथ नजर आया। इनलोगों ने हाजीपुर जोन से लेकर दिल्ली में रेल मंत्रालय तक की दौड़ लगाई है पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है।
अब मुजफ्फरपुर सांसद राजभूषण चौधरी इन रेलकर्मियों के समस्याओं को जानने और इनके हड़ताल को खत्म करने का गंभीर प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में सांसद 27 फरवरी को इन हड़तालरत कर्मचारियों से मिल हड़ताल को खत्म करने की अपील करेंगे। वैसे सांसद चौधरी बहुत ही संवेदनशील व्यक्ति हैं जिनके अब तक के कार्यकलाप से मुजफ्फरपुर की आम आवाम काफी खुश है। मुजफ्फरपुर सांसद से बहुत जल्द एक एक्सक्लूसिव साक्षात्कार आप ख़बरजिंदगी के यूट्यूब चैनल पर देखेंगे।
रेलकर्मियों की मांग क्या
रेलकर्मी मधुप कुमार के मुताबिक इनलोगों की मुख्य मांग है कि जो बरौनी और मानसी लॉबी में ट्रांसफर किया गया है उसे रद्द कर वापस मुजफ्फरपुर लॉबी में लाया जाए। असल में रेलवे के लोकोपायलट, सहायक और गार्ड का बाइफरकेशन कर सोनपुर डिवीजन से समस्तीपुर डिवीजन में स्थानांतरण कर दिया गया। जिसके बाद इनको अन्य लॉबियों में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद ये सोनपुर और समस्तीपुर के अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। लेकिन हाजीपुर के GM से अब तक इनकी मुलाकात नहीं हो पाई है। जबकि इनलोगों ने कई बार हाजीपुर GM से मिलने की कोशिश की है।

