मुजफ्फरपुर में रविवार को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें वैसे शिक्षकों को सम्मानित किया गया जिन्होंने शिक्षा को उत्कृष्ट, ज्ञानवर्धक और बच्चों के समझने लायक बनाया।
मुजफ्फरपुर स्थित चांदनी चौक के प्रेम उत्सव परिसर में परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ, बिहार प्रदेश के नेतृत्व मे “तिरहुत शिक्षक सम्मान समारोह–2026” का आयोजन किया गया। इसमें उत्कृष्ट एवं समर्पित शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने विषयों को बच्चों में ज्ञानवर्धन के तरीकों को अपनाकर अपनी एक अलग पहचान बनाई।
कार्यक्रम में तिरहुत प्रमंडल सहित बिहार के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। पटना उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार की उपस्थित में इस सम्मान समारोह का सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों, उत्कृष्ट शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों एवं विभिन्न वर्गों के शिक्षक साथियों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि “यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि शिक्षा के प्रति समर्पण की पहचान है।”
इस कार्यक्रम में प्रदेश संयोजक प्रणय कुमार एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि तिरहुत शिक्षक सम्मान समारोह का उद्देश्य शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों को समाज के सामने लाना तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के वास्तविक परिवर्तनकारी हैं और उनके सम्मान से शिक्षा व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलती है। “शिक्षक सम्मान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।”
उच्च न्यायालय,पटना के वरीय अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार ने अपने संबोधन मे शिक्षकों को आश्वस्त किया कि शिक्षक समस्या का हर स्तर पर वे न्यायालय के माध्यम से लड़ाई लड़कर समाधान कराने को तत्पर रहेंगे।
परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, प्रधान शिक्षक प्रकोष्ठ अशोक कुमार एवं प्रदेश संगठन महामंत्री शिशीर कुमार पाण्डेय ने कहा कि शिक्षकों का समर्पण ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा के प्रति समाज की सहभागिता को भी मजबूत करते हैं। “जब शिक्षक सम्मानित होते हैं, तब शिक्षा और समाज दोनों सशक्त होते हैं।”
इस सम्मान समारोह में दिनेश सिंह, गजेन्द्र राय, चंदेश्वर प्रसाद, इश्तेखार, उमाशंकर प्रसाद सिंह, रामाकांत सिंह, विजय सिंह, अंजू कुमारी, अर्पणा सिंह, मनोज कुमार, रानी कुमारी, देवेंद्र प्रसाद सिंह, मो. दाउद अली, पप्पु कुमार पंकज, कुमार अभिषेक, अभिषेक कुमार, राजीव कुमार, रामपृत विद्यार्थी, केशव राम, अजय कुमार सिंह, विनोद पाण्डेय, टुनटुन कुमार, मुकेश गुप्ता,संजीव समीर, जमील अहमद विद्रोही,मृत्युंजय ठाकुर सहित सैकड़ो शिक्षक शामिल हुए।

