मुजफ्फरपुर में रिश्वतखोरी के मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) द्वारा एक और कृषि अधिकारी को रिश्वत लेते रंगों हाथें गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 50 हजार की रिश्वत लेने के कारण किया गया है।
दरअसल एक खाद दुकानदार ने निगरानी के पटना कार्यालय में एक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उसने आरोप लगाया कि प्रभारी कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके ड्राइवर खाद दुकान की लाइसेंस के नाम पर प्रताड़ित कर रहे हैं। इनके द्वारा कहा जा रहा है कि 50000 रुपए रिश्वत दो नहीं तो लाइसेंस रद्द कर देंगे। कृषि अधिकारी के कहने पर उनका ड्राइवर बार बार धमका रहा है।
परिवादी के शिकायत की जांच की गई जिसमें आरोप सही पाया गया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक विंदेश्वर प्रसाद और सुधीर कुमार के नेतृत्व में एक छापेमार दल का गठन किया गया। जिसके बाद इस दल ने मंगलवार को सुनियोजित तरीके से छापेमारी की। जैसे ही ड्राइवर रामबाबू राय ने रिश्वत के पैसे अपने हाथों में लिए वैसे ही निगरानी की इस टीम ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। केमिकल टेस्टिंग के जरिए रिश्वत की पुष्टि हुई जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 के धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर हिरासत में ले लिया गया।

आपको बता दें 3 जनवरी 2026 को रिश्वतखोरी के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सुधीर कुमार अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को गिरफ्तार किया गया था। उस अधिकारी की गिरफ्तारी 19 हजार के रिश्वत के मामले में हुई थी। ये हिमांशु कुमार उन्हीं की गिरफ्तारी के बाद प्रभारी कृषि अधिकारी बन कर आए थे। वो भी रिश्वतखोरी के चक्कर में निगरानी के हत्थे चढ़ गए। वैसे यह कहना गलत नहीं होगा कि कृषि और जमीन में रिश्वतखोरी चरम पर है। अब तक कई CO भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं।

