देश भर के मेडिकल कालेज में MBBS करने के बाद डॉक्टरों को विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए NEET PG की भी परीक्षा देनी होती है। इसके बाद की पढ़ाई पूरी करने करने के बाद वो एक विशेषज्ञ डॉक्टर की श्रेणी में आते हैं।
NEET PG 2025 के परीक्षा के बाद नामांकन के लिए अब तक 2 बार की काउंसलिंग हो चुकी है। इसके बावजूद अभी भी देश भर के मेडिकल कॉलेजों में क्लीनकल और नॉनक्लिनिकल में सैकड़ों सीटे खाली पड़ी रह गई। इसका सबसे बड़ा कारण cut off परसेंटाइल का काफी ऊपर होना था।
इसको देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने कटऑफ में भारी कमी कर दी है। संशोधित कटऑफ के बाद अब अधिक संख्या में अभ्यर्थी तीसरे राउंड की काउंसलिंग और स्ट्रे वेकेंसी राउंड में भाग लेने के लिए पत्र हो गए हैं।
सामान्य श्रेणी के लिए पहले 50 परसेंटाइल रहने वाले cutoff को अब 7 परसेंटाइल कम कर दिया गया है वहीं सामान्य श्रेणी के PwBD (person with benchmark disability) अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ 5 परसेंटाइल कम कर दिया गया है।
आरक्षित श्रेणी SC/ST/OBC के वर्गों को सबसे बड़ी राहत दी गई है। इनका अब 0 परसेंटाइल पर नामांकन हो सकेगा। इसके कारण इस वर्ग के लगभग सारे अभ्यर्थी विशेषज्ञता हासिल करने की श्रेणी में आ गए हैं। इनके लिए -40 कटऑफ तय किया गया है।
अब संशोधित स्कोर जारी होने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) काउंसलिंग के लिए जल्द ही नया शेड्यूल जारी करेगी। स्कोर कम करने के पीछे सरकार की एक ही मंशा है कि कोई भी पीजी सीट खाली न रहे और देश को अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक मिल सके।
