मुजफ्फरपुर के मुशहरी, कुढ़नी और मुरौल प्रखंड के किसानों के खेतों को पाइप लाइन के द्वारा पानी मिलेगा। कमांड क्षेत्र विकास योजना के आधुनिकीकरण से मुजफ्फरपुर की सिंचाई व्यवस्था बदलने की कोशिश की जा रही है। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना में बिहार के मुजफ्फरपुर एवं छपरा जिले को शामिल किया जा गया है।
इसको लेकर मुजफ्फरपुर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मुसहरी प्रखंड अंतर्गत द्वारिका नगर का भ्रमण कर स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान तिरहुत नहर के अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता द्वारा योजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर निविदा प्रक्रिया के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाएगा। जिसके द्वारा कार्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने की योजना बनाई गई है।
इस परियोजना के तहत मुजफ्फरपुर जिले के तीन प्रखंडो कुढ़नी, मुसहरी एवं मुरौल के लगभग 26 गांवों के किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना में तिरहुत मुख्य नहर से पानी को भूमिगत प्रेशराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क के माध्यम से लगभग 2450 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह नेटवर्क प्रति फार्म एक हेक्टेयर तक फैला होगा, जिससे खेत के अंतिम छोर तक समान रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना है। यह परियोजना कृषि उत्पादकता में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
ये सब सही है लेकिन क्या तिरहुत नहर में पानी रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार जब गंडक नदी में पानी का लेबल ज्यादा रहता है,तब ही तिरहुत नहर में पानी छोड़ा जाता है। गर्मियों में अप्रैल के बाद जुलाई तक तिरहुत नदी सुखा पड़ा रहता है। इस नहर से अन्य कई शाखाएं भी निकली हुई है तो समझ सकते हैं कि जिले के साहेबगंज से निकली तिरहुत नहर सरैया पारू होते हुए मुशहरी कुढ़नी तक प्रेशर पाइप के द्वारा इस क्षेत्र को कितना पानी मिलेगा।
