
अखाड़ा घाट पंप खराब होने से हजारों लोग परेशान, नई व्यवस्था का इंतजार; लीकेज और गंदे पानी की भी शिकायत
मुजफ्फरपुर/खबर जिन्दगी: शहर के सिकंदरपुर क्षेत्र में पेयजल संकट से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वार्ड संख्या 13, 14, 15 और 17 के हजारों लोग पिछले तीन दिनों से पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन वार्डों में जलापूर्ति के लिए इस्तेमाल होने वाला अखाड़ा घाट पंप खराब पड़ा है। इसके कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
तीन दिनों से पानी के लिए भटक रहे लोग
सिकंदरपुर क्षेत्र के बालूघाट, न्यू एरिया, जर्दा फैक्ट्री और अन्य प्रभावित वार्डों के निवासी अपनी समस्याओं को लेकर वार्ड पार्षदों और नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पेयजल की समस्या केवल पिछले तीन दिनों तक सीमित नहीं है, बल्कि बीते कुछ महीनों से क्षेत्र में अनियमित जलापूर्ति की शिकायतें सामने आ रही हैं।
अखाड़ा घाट पंप पर निर्भर बड़ी आबादी के लिए जलापूर्ति बाधित होने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि नगर निगम जल्द से जल्द पंप की मरम्मत कराकर पानी की आपूर्ति बहाल करेगा।
गंदे पानी और पाइपलाइन लीकेज की शिकायत
स्थानीय निवासियों ने जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर एक और गंभीर समस्या उठाई है। उनका कहना है कि शुरुआत में करीब 10 दिनों तक पानी की आपूर्ति ठीक रहती है, लेकिन इसके बाद पानी में गंदगी आने लगती है।
लोगों के मुताबिक, मोहल्ले की कई जगहों पर पाइपलाइन फूटी हुई है। इसके कारण सड़कों पर पानी निकलता रहता है। स्थानीय निवासियों ने पाइपलाइन की जांच, लीकेज की मरम्मत और स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
महीने में कई दिन ठप रहती है जलापूर्ति
स्थानीय लोगों का दावा है कि महीने में पांच से सात दिन तक पंप खराब रहने या अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण पानी की आपूर्ति बाधित रहती है। उनका कहना है कि इससे औसतन करीब 25 दिन ही नियमित रूप से पानी मिल पाता है।
निवासियों के अनुसार, बार-बार उत्पन्न हो रही इस समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत है, ताकि लोगों को हर महीने पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़े।
वार्ड पार्षद ने बताया हर महीने की समस्या
वार्ड संख्या 14 के पार्षद अमित कुमार ने इस समस्या को हर महीने सामने आने वाली परेशानी बताया। उनके अनुसार, नगर निगम के समक्ष कई बार मामला उठाया गया है। निगम की ओर से पिछले कई महीनों से नई व्यवस्था किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक इसका ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
स्थानीय स्तर पर प्रभावित लोगों की शिकायतों के बीच जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार और स्थायी समाधान की मांग तेज हो रही है।
नगर निगम ने नए पंप के टेंडर की दी जानकारी
इस मामले में खबर जिन्दगी ने नगर निगम के अधिकारी से बातचीत की। अधिकारी के अनुसार, नए पंप के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और संवेदक का चयन भी कर लिया गया है।
हालांकि, काम कब शुरू होगा और नई व्यवस्था के तहत जलापूर्ति कब तक सुचारु हो पाएगी, इस संबंध में फिलहाल स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है।
स्थायी समाधान का इंतजार
सिकंदरपुर के वार्ड संख्या 13, 14, 15 और 17 के निवासियों को अब नए पंप की व्यवस्था और नियमित जलापूर्ति बहाल होने का इंतजार है। लोगों की मांग है कि नगर निगम केवल नई व्यवस्था की घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि पंप, पाइपलाइन और पानी की गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान करे।
अब देखना होगा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम कब शुरू होता है और सिकंदरपुर के लोगों को बार-बार होने वाले जल संकट से कब राहत मिलती है।










