
अभिभावकों ने उठाए चयन प्रक्रिया की विसंगतियों पर सवाल; सीमेंटेड पिच पर हुआ ट्रायल
मुजफ्फरपुर | खेल समाचार (खबर जिन्दगी)
मुजफ्फरपुर में बुधवार को जिला स्कूल के मैदान में प्रमंडल स्तरीय अंडर-14 क्रिकेट ट्रायल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस ट्रायल में तिरहुत प्रमंडल के सभी 6 जिलों के 14 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों ने भाग लिया। इस के द्वारा 16 क्रिकेट खिलाड़ियों और 4 रिजर्व खिलाड़ियों का चयन होना है।

बुधवार को आयोजित प्रमंडल स्तरीय ट्रायल में तिरहुत प्रमंडल के 6 जिलों मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के खिलाड़ियों ने भाग लिया। जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ियों में से लगभग 100 प्रतिभागी ट्रायल में शामिल हुए। इस चयन प्रक्रिया की तिरहुत आयुक्त के आदेश पर वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई।
इस चयन प्रक्रिया का उद्देश्य प्रमंडल स्तर पर अंडर-14 वर्ग के 16 खिलाड़ियों और चार रिजर्व खिलाड़ियों का चयन करना है। ट्रायल में ओपनर बल्लेबाज, मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज, तेज गेंदबाज और स्पिन गेंदबाजों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मुजफ्फरपुर खेल उपनिदेशक ने बताया कि ट्रायल के बाद एक कमेटी बैठेगी जो वीडियो को देखकर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को आकेंगी। उसके बाद प्रमंडल स्तर अंतिम 16 खिलाड़ियों और 4 रिज़र्व खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा।
ट्रायल के दौरान उठा विवाद
तिरहुत प्रमंडल स्तरीय अंडर-14 क्रिकेट ट्रायल के दौरान चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया। ट्रायल के दौरान कुछ अभिभावकों ने पिच, विकेटकीपिंग की व्यवस्था और ट्रायल के निर्धारित मानकों को लेकर सवाल उठाए। विवाद के कारण चयन प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। बाद में दोनों पक्षों के बीच स्थिति शांत होने पर करीब आधे घंटे बाद ट्रायल दोबारा शुरू किया गया।
पिच और विकेटकीपिंग की व्यवस्था पर उठे सवाल
ट्रायल के दौरान कुछ अभिभावकों ने खेल की व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जिस पिच पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन परखा जा रहा था, वह सीमेंटेड पिच थी। अभिभावकों के अनुसार, पिच पर गेंद टप्पा खाने के बाद तेजी से बल्लेबाज की ओर आ रही थी, जिससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आकलन को लेकर सवाल पैदा हुए।
इसके अलावा विकेटकीपर के स्टंप के काफी नजदीक खड़े होने पर भी आपत्ति जताई गई। अभिभावकों का कहना था कि गेंद बल्लेबाज से बीट होने के बाद विकेटकीपर के दस्तानों तक पहुंचने के बजाय कई बार नेट से टकरा रही थी। उन्होंने इस व्यवस्था को लेकर ट्रायल करा रहे प्रशिक्षकों के समक्ष अपनी आशंकाएं रखीं।
हालांकि, इन आपत्तियों और व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों पर मुजफ्फरपुर खेल विभाग के उपदेशक की ओर से भारत के सीनियर के विकेटकीपर रहे महेंद्र सिंह धोनी का उदाहरण दिया गया। मतलब बच्चे 14 साल की उम्र तक में महेंद्र सिंह धोनी की बराबरी करें।
पूर्व ट्रायल की शिकायत के बाद आयुक्त ने रद्द किया था चयन
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इससे पहले आयोजित ट्रायल को लेकर भी अभिभावकों ने अनियमितताओं की शिकायत की थी। बताया गया है कि कुछ अभिभावकों ने अपनी शिकायतें तिरहुत आयुक्त के समक्ष रखी थीं।
शिकायतों के बाद मामले की जांच कराई गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में शिकायतों की पुष्टि होने के बाद 9 अक्टूबर को तिरहुत आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने पहले आयोजित ट्रायल और उस प्रक्रिया में चयनित खिलाड़ियों का चयन रद्द कर दिया था।
इसके बाद दोबारा प्रमंडल स्तरीय चयन प्रक्रिया आयोजित की गई। ऐसे में नई चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर अभिभावकों की अपेक्षाएं और बढ़ गई हैं।
तीन प्रशिक्षकों की जगह दो प्रशिक्षकों की मौजूदगी का दावा
ट्रायल के संचालन को लेकर एक अन्य मुद्दा प्रशिक्षकों की उपलब्धता का भी सामने आया। जानकारी के अनुसार, खेल विभाग की ओर से ट्रायल संपन्न कराने के लिए तीन खिलाड़ियों या प्रशिक्षकों के चयन का उल्लेख किया गया था, लेकिन मौके पर केवल दो खेल प्रशिक्षक ही उपस्थित हो पाए।
बताया गया कि अपरिहार्य कारणों से तीसरे प्रशिक्षक की उपस्थिति नहीं हो सकी। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
खिलाड़ियों को जर्सी नहीं मिलने का आरोप
ट्रायल के दौरान अभिभावकों ने खिलाड़ियों को जर्सी उपलब्ध नहीं कराए जाने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को अब तक खेल विभाग की ओर से जर्सी नहीं दी गई है।
अभिभावकों के अनुसार, पहले आयोजित चयन प्रक्रियाओं में जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को जर्सी उपलब्ध कराई जाती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि तिरहुत प्रमंडल के अन्य जिलों में संबंधित खेल विभागों की ओर से जर्सी वितरित की जा चुकी है, जबकि मुजफ्फरपुर में वितरण नहीं हुआ है।
इस मामले में जिला खेल उपनिदेशक ने पूछे जाने पर बताया कि जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को जर्सी उपलब्ध कराने का कोई प्रावधान नहीं है। उनका कहना था कि प्रमंडल स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को ही जर्सी उपलब्ध कराई जाएगी।
नाबालिग खिलाड़ियों के भविष्य और खेल के प्रति उनके उत्साह को ध्यान में रखते हुए चयन प्रक्रिया के मानकों, मूल्यांकन के तरीके और अंतिम चयन सूची की जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा। अभिभावकों की शिकायतों पर क्या रुख अपनाता है और प्रमंडल स्तरीय चयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का समाधान किस तरह करता है।










