
फीस वृद्धि, इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से वसूली के खिलाफ AIDSO का विश्वविद्यालय पर छात्र-प्रदर्शन
मुजफ्फरपुर/खबर जिन्दगी: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU), मुजफ्फरपुर पर शैक्षणिक अराजकता, भ्रष्टाचार, फीस वृद्धि, इंटर्नशिप के नाम पर वसूली, परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। यह आरोप ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) की तरफ से लगाया गया है। इसको लेकर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राओं प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन से समस्याओं के समाधान की मांग की।

प्रदर्शन की शुरुआत एलएस कॉलेज परिसर से हुई। यहां से छात्र-छात्राएं जुलूस के रूप में नारे लगाते हुए विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार, रिजल्ट संबंधी समस्याओं के समाधान, फीस वृद्धि वापस लेने, छात्राओं और SC/ST विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा और छात्र संघ चुनाव कराने की मांग उठाई।

फीस वृद्धि और इंटर्नशिप को लेकर नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की सेमेस्टर व्यवस्था के दौरान बढ़ते आर्थिक बोझ पर चिंता जताई। AIDSO से जुड़े छात्रों ने आरोप लगाया कि इंटर्नशिप के नाम पर विद्यार्थियों से पैसे लिए जा रहे हैं और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण के बजाय केवल प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इन आरोपों की जांच कराने और विद्यार्थियों के हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
छात्राओं और SC/ST विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा
AIDSO के बिहार राज्य अध्यक्ष विजय कुमार ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में छात्राओं तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को नियमानुसार निःशुल्क शिक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के प्रावधानों के अनुरूप पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पटना विश्वविद्यालय और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय सहित अन्य संस्थानों यह व्यवस्था लागू है। इस व्यवस्था को BRABU में भी लागू करने की मांग की।
रिजल्ट और प्रमाणपत्रों में देरी का मुद्दा उठाया
प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे AIDSO के मुजफ्फरपुर जिला अध्यक्ष शिव कुमार ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रिजल्ट में सुधार, अंकपत्र और अन्य प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को बार-बार विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा खर्च होता है तथा पढ़ाई भी प्रभावित होती है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से परीक्षा परिणामों से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध निपटारा करने और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर भी उठाए सवाल
AIDSO के बिहार राज्य सचिव पवन कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की आलोचना करते हुए कहा कि संगठन के अनुसार इससे शिक्षा में निजीकरण और व्यापारीकरण की प्रक्रिया तेज हुई है। उन्होंने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ तथा इंटर्नशिप व्यवस्था में सामने आ रही समस्याओं को लेकर चिंता जताई।
छात्र संघ चुनाव कराने की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक तरीके से छात्र संघ चुनाव कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR पर रोक लगाने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़े नारे लगाए गए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
AIDSO नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से 12 सूत्री मांगों पर तत्काल पहल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं होने और मांगों की अनदेखी जारी रहने पर संगठन आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा।
इन छात्र नेताओं ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व
प्रदर्शन का नेतृत्व AIDSO की कार्यकारिणी सदस्य रूपा कुमारी, दीपमाला कुमारी और तरन्नुम खातून के साथ छात्र नेताओं अभिषेक कुमार, अली अख्तर, गौतम कुमार, प्रकाश कुमार शर्मा, राहुल कुमार, सोनू मौर्य, प्रिंस गौतम, अनिल कुमार, ललित कुमार झा, गणेश कुमार, सनी कुमार, सपना कुमारी और छाया कुमारी सहित अन्य लोगों ने किया।










