

बीजेपी और आरएसएस ने की बयान की निंदा साथ ही की कानूनी कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली/रांची: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के एक बयान ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। मंत्री ने दावा किया है कि देश के करीब 40 लाख युवा कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक इशारे का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनता की नाराजगी और मौजूदा हालात को गंभीरता से नहीं समझा गया तो भारत की स्थिति बांग्लादेश और नेपाल से भी बदतर हो सकती है। उनके इस बयान के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।
40 लाख युवाओं को लेकर मंत्री का बड़ा दावा
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान उनकी मुलाकात कई छात्र-छात्राओं से हुई थी। उनके अनुसार, देश में युवा, किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग, दलित और आदिवासी सहित विभिन्न वर्गों में असंतोष बढ़ रहा है।
मंत्री ने दावा किया कि करीब 40 लाख युवा सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं और राहुल गांधी के अगले निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने फिलहाल इन युवाओं को रोक रखा है।
प्रधानमंत्री मोदी को पड़ोसी देशों की उदाहरण देकर चेतावनी
इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगाह करते हुए कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं और बढ़ती नाराजगी को गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते हालात नहीं संभाले गए तो देश में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
मंत्री के इस बयान में बांग्लादेश और नेपाल का उदाहरण दिए जाने से राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। हालांकि, इन देशों की परिस्थितियों से भारत की तुलना करना उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा है।
इरफान अंसारी ने किया देशवासियों में नाराजगी का दावा
स्वास्थ्य मंत्री ने बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि देश के युवा, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्गों में असंतोष बढ़ रहा है।
वोटर लिस्ट से 13 करोड़ नाम काटने का लगाया आरोप
इरफान अंसारी ने मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रही है।



भाजपा की प्रतिक्रिया से बढ़ा राजनीतिक विवाद
मंत्री के बयान पर भाजपा और आरएसएस ने कड़ी आपत्ति जताई है। आरएसएस की ओर से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। भाजपा ने इस बयान को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग उठाई है।
मुजफ्फरपुर के गिरिराज सिंह फैंस क्लब के संरक्षक देवांशु किशोर ने बताया कि यह सारा नतीजा दिमागी नक्सलवाद का है। कांग्रेस जब जिस राज्य में जीतती है तो वहां की गड़बड़ी नहीं होती। लेकिन जैसे ही हारती है, तो फिर से राहुल गांधी का ईवीएम का रोना और संवैधानिक संस्था पर उंगली उठाती है। दरअसल कांग्रेस 12 साल से सत्ता में नहीं हैं, इसलिए राहुल गांधी जी की दिमागी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।

वहीं आरएसएस विभाग संचालक चंद्रमोहन खन्ना ने बताया कि भारत के युवा बांग्लादेश या नेपाल के युवाओं की तरह नासमझ नहीं हैं, बल्कि वे अधिक परिपक्व हैं और देश के विरुद्ध कभी नहीं जा सकते। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का बयान सिर्फ एक पब्लिसिटी स्टंट के अलावा कुछ नहीं है। अगर ऐसी ही बात होती तो 1 नवंबर की रैली फ्लॉप रैली में तब्दील नहीं होती। राहुल गांधी के बयानों को लेकर उन्होंने कहा कि 12 सालों से सत्ता से दूरी की तिलमिलाहट ने राहुल की मानसिक स्थिति को खराब कर दिया है।
राहुल गांधी का “बीच सड़क बहस का बयान हो” या इरफान अंसारी का यह बयान, भारत की राजनीति में अब एक नया विवाद छेड़ दिया है। क्या भारत का युवाओं को अपने देश से प्रेम नहीं है या राजनीतिक रूप से जीत न मिल पाने के कुंठा के कारण अब युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। जो भी कहिये लेकिन राजनीतिक ज्योतिषियों ने मई 2027 तक का समय भारत की राजनीति में कठिनाई वाला दिखता है।



