

ATS अलर्ट; जांच एजेंसियां कर रही पड़ताल, 6 नवंबर की रात हुआ था धमाका
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दिवाली से पहले वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार, 6 नवंबर की रात करीब 9 बजे एक विस्फोट हुआ था। विस्फोट के बाद अब सोशल मीडिया पर एक आतंकी संगठन की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है।
एक्स पर ‘गाजी 2’ नामक हैंडल से किए गए पोस्ट में ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन’ संगठन ने धमाके को लेकर दावा किया है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता सहित विस्फोट के वास्तविक कारणों की जांच कर रही हैं।
धमाके से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए कथित जिम्मेदारी वाले पोस्ट ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। पोस्ट में संगठन ने पुलिस को निशाना बनाने और मौजूदा सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने जैसी बातें कही हैं। संगठन ने अपने पोस्ट में धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के नाम पर संघर्ष जारी रखने का दावा भी किया है। जांच एजेंसियां पोस्ट के स्रोत, और घटना से उसके संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।



धमाके से चौकी के शीशे टूटे, एसी भी क्षतिग्रस्त
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 9 बजे वसुंधरा पुलिस चौकी के पीछे की तरफ जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट का असर इतना था कि चौकी की दो खिड़कियों के शीशे टूट गए और उनमें दरारें आ गईं। परिसर में लगे एसी को भी नुकसान पहुंचने तथा दीवार में दरार आने की जानकारी सामने आई है। धमाके के समय चौकी में पुलिसकर्मी मौजूद थे। एक सब-इंस्पेक्टर के घायल होने की जानकारी भी आ रही है।
डिलीवरी बॉय हुआ घायल
इस घटना में करीब 20 वर्षीय फूड डिलीवरी वर्कर विशाल को चोट आई। बताया गया कि वह घटनास्थल के आसपास मौजूद था, तभी टूटे हुए कांच का टुकड़ा उसके सिर में लग गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। डीसीपी रिजुल कुमार के अनुसार, घायल युवक अब पूरी तरह ठीक है।
ATS, बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने संभाली जांच
धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीसीपी रिजुल कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि उत्तर प्रदेश एटीएस, बम निरोधक दस्ते और फॉरेंसिक टीम तथा बम स्क्वॉड ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। मौके से नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि चौकी की दो खिड़कियों के शीशे टूटे थे और एक डिलीवरी वर्कर को कांच लगने से चोट आई थी, जो अब स्वस्थ है।
आतंकी साजिश या तकनीकी खराबी?
स्थानीय स्तर पर चौकी में जब्त पटाखों में विस्फोट और एसी में शॉर्ट सर्किट जैसी आशंकाएं भी चर्चा में हैं। हालांकि, इन संभावनाओं की भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर धमाके का दावा
पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले कथित संगठन की वास्तविकता और घटना से उसके संबंध का है। जांच एजेंसियां पोस्ट करने वाले हैंडल की पहचान, डिजिटल गतिविधियों और पोस्ट के समय सहित विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
फिलहाल पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाके के पीछे वास्तविक वजह क्या थी? क्या यह तकनीकी खराबी थी, विस्फोटक पदार्थ से जुड़ी घटना थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा? वैसे दिवाली से पहले पुलिस चौकी में हुए इस धमाके के आतंकी दावे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।



