

भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष रविन्द्र प्रसाद सिंह के निधन पर शोकसभा में दी गई श्रद्धांजलि
मुजफ्फरपुर/खबर जिन्दगी: बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर उन्हें भारत रत्न देने और उनकी जीवनी को विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष रविन्द्र प्रसाद सिंह के निधन पर शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई।

श्रीकृष्ण सिंह और रविन्द्र प्रसाद सिंह को दी गई श्रद्धांजलि
शहर के गोबरसही स्थित भाजपा नेता डॉ. अशोक कुमार शर्मा के आवासीय कार्यालय में श्रीकृष्ण सिंह सेवा समिति की ओर से जयंती समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह और दिवंगत रविन्द्र प्रसाद सिंह के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने दोनों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।




स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल हो श्रीबाबू की जीवनी
कार्यक्रम के आयोजक डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का जीवन और उनके कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। विद्यार्थियों को राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री के योगदान और उनके ऐतिहासिक कार्यों की जानकारी मिले इसके लिए उनकी जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। इससे विद्यार्थीयों को उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व और बिहार के विकास में उनकी भूमिका को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

भारत रत्न देने के लिए केंद्र सरकार से पहल की मांग
डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने भारत सरकार से डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह सेवा समिति केंद्र सरकार से ध्यान आकर्षित करने का आग्रह करेगी।

उन्होंने बिहार सरकार से भी आग्रह किया कि वह श्रीबाबू को भारत रत्न दिलाने के लिए आवश्यक पहल करे। समारोह में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उनके विचारों और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
रविन्द्र प्रसाद सिंह का निधन भाजपा के लिए बड़ी क्षति
शोकसभा के दौरान डॉ. अशोक शर्मा ने भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष रविन्द्र प्रसाद सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका निधन पार्टी, संगठन और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

डॉ. शर्मा के अनुसार, रविन्द्र प्रसाद सिंह ने संगठनात्मक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी दिवंगत नेता के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
बिहार के विकास में श्रीबाबू का योगदान अविस्मरणीय
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता साहित्यकार डॉ. संजय पंकज ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को समझने के लिए उनके कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों और प्रशासनिक पहल का अध्ययन जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में श्रीबाबू की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
डॉ. संजय पंकज ने बरौनी रिफाइनरी, राजेंद्र पुल, बोकारो स्टील प्लांट और राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार के औद्योगिक, शैक्षणिक और आधारभूत विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रयासों में श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को याद किया जाता है।
नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए श्रीबाबू का योगदान
समारोह में ब्रह्मर्षि विकास संगठन के सचिव सुनील कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के जीवन और कार्यों से विद्यार्थियों को परिचित कराना जरूरी है। सुनील कुमार ने रविन्द्र प्रसाद सिंह को याद करते हुए उनके संगठनात्मक एवं सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राजनीतिक जीवन में रहते हुए भी वह बहुत ही सुलभ और सहज व्यक्तित्व के रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीकृष्ण सिंह सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने की। साहित्यकार डॉ. संजय पंकज ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे, जबकि संचालन भी डॉ. संजय पंकज ने किया। हरेराम मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर ब्रह्मर्षि विकास संगठन, मुजफ्फरपुर के महासचिव सुनील कुमार, उदयशंकर सिंह, प्रो. अरुण कुमार सिंह, डॉ. अरविंद कुमार सिंह, शशि कुमार सिंह, केशव चौबे, रंजन साहू, अधिवक्ता अशोक कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।










