26 मार्च को भारत सरकार की तरफ से एक अधिसूचना जारी कर पेट्रोलियम पर मुख्य रूप से पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क ₹10 कम कर दिया गया। जिससे अब यह संभावना है कि तेल कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल के दामों में कुछ कमी कर सकती है
26 तारीख को भारत सरकार ने एक आपात बैठक बुलाई गई थी। इस आपात बैठक में प्रधान मंत्री मोदी के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थीं।भी आपात बैठक में पेट्रोल डीजल की स्थितियों पर समीक्षा की गई साथ ही तेल कंपनियों को हो रहे घाटे पर भी चर्चा की गई। इस चर्चा में परिस्थितियों को ध्यान में रख यह निर्णय लिया गया कि पेट्रोलियम पर उत्पाद शुल्क घटा दिया जाए। जिसके बाद भारत सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क ₹10 और डीजल पर शून्य कर दिया।
शुल्क में कमी के बाद तेल कंपनियों को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपए से घटकर 3 रुपए हो गया वहीं डीजल पर पहले उत्पाद शुल्क 10 रुपए लगता था वह अब शून्य हो चुका है। सरकार की इस कदम से आम जनता को भी तेल कीमतों में कुछ राहत मिलने की संभावनाएं हैं।
भारत सरकार की वित्त मंत्रालय द्वारा 26 मार्च को इस को लेकर एक अधिसूचना जारी की गई है जिसमें कहा गया है कि अमेरिका ईरान के बीच चले युद्ध से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में संकट के कारण तेल के बढ़ते भाव से भारत की तेल कंपनियां काफी दबाव में आ गई थी और उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। इसको लेकर भारत सरकार ने उत्पाद शुल्क में 10 रुपए की कमी की गई है। और सरकार के इस फैसले की सूचना संसद को जानकारी दे दी गई है।
दरअसल अमेरिका ईरान युद्ध के बाद से पहले की तुलना में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ चुका है। भारत की सारी तेल कंपनियां मूल्य को लेकर काफी दबाव में हैं। इस पर सरकार के द्वारा यह फैसला लिया गया। भारत सरकार ने यह राहत तेल कंपनियों को दे दी है लेकिन आम जनता को राहत मिलने के कम ही आसार हैं










