“अक्षर आंचल योजना” से दादी नानी अब हो रही साक्षर..आज दे रही परीक्षा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

Advertisements
ad

“अक्षर आंचल योजना” से असाक्षर महिलाओं में शिक्षा के प्रति ललक बढ़ी है। अब वो भी जिम्मेदारियों से मुक्त हो शिक्षित होने की लालसा लिए सरकार की  “अक्षर आंचल योजना” के माध्यम से शिक्षा से खुद को जोड़ साक्षर होने की राह पर हैं। जहाँ उन्हें पढ़ना-लिखना और गणित सिखाया जाता है, जिससे वे सशक्त बन रही हैं और आज उनके ज्ञान की परीक्षा हो रही है।

7 दिसंबर को होने वाली महापरीक्षा में बिहार के विभिन्न जिलों (जैसे नालंदा, दरभंगा, गया, सीतामढ़ी) से हजारों की संख्या में महिलाएँ शामिल हो रही हैं, जो शिक्षा के प्रति उनकी बढ़ती रुचि को दर्शाता है। सिर्फ मुजफ्फरपुर में 330 केंद्र पर 23 हजार से अधिक महिलाएं परीक्षा दे रही है। यह परीक्षा ग्रेड-आधारित होती है, जिसमें कोई फेल नहीं होता, बल्कि परिणाम ग्रेड के अनुसार दिए जाते हैं, जिससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य महादलित, दलित, अल्पसंख्यक और अतिपिछड़ा वर्ग की असाक्षर महिलाओं को बुनियादी शिक्षा (अक्षर ज्ञान, अंक ज्ञान, पढ़ना-लिखना) प्रदान करना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। बिहार सरकार अपने इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से 45 साल तक के असाक्षर को साक्षर कर हर आंगन तक शिक्षा पहुँचाने का का प्रयास कर रही है। यह बिहार के लगभग हर गांव में 200 से अधिक साक्षरता केंद्र चलाकर ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और महिलाएँ, जो पहले शिक्षा से दूर थीं, अब खुद शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

Advertisements
Advertisements
Advertisements

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

Advertisements