बिहार की 20 सालों से चल रही सरकार अब नई सरकार के रूप में दिख रही है। संरचनात्मक मजबूती के बाद बिहार सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए 10 हजार के बाद अब 10 लाख देने जा रही है
2015 के चुनाव से जीविका के माध्यम से महिलाओं के उत्थान के लिए बिहार सरकार की तरफ से अनेक कार्य किए जा रहे हैं।आपको यहां एक बात बता दें कि जीविका दीदियों के आग्रह पर ही बिहार में शराबबंदी की गई थी। और अब जीविका संगठन के जुड़ी महिलाओं को 10000 के बाद अब 10 लाख तक की ब्याजसाहित मदद की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बिहार सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए उपक्रम तलाशने में लगी है। इसी कड़ी में जीविका से जुड़ी महिलाएं जो अपना रोजगार करना चाहती है उन्हें सरकार की तरफ से 10 लाख तक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। जिसके लिए मात्र 7 प्रतिशत की ब्याज अधिरोपित की जाएगी जो साधारण ब्याज होगा। जिससे महिलाओं पर ब्याज का बोझ कम पड़ेगा। और तनाव मुक्त होकर अपने व्यवसाय को बढ़ा पाएंगी। ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि यह योजना “पहले आओ पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा।
देश की उन्नति में बिहार की तरक्की को उच्च पायदान पर स्थापित करने को लेकर ही बिहार सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बाने के लिए 10000 रुपए की प्रोत्साहन राशि की मदद की गई थी, अब उसकी समीक्षा की जा रही है। इस समीक्षा से जिन महिलाओं ने सही में कोई रोजगार शुरू किया है उन्हें 2 लाख रूपये तक की अतिरिक्त सहायता की जाएगी जिससे उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में और मदद मिले।










