ऑनलाइन परिमार्जन के आवेदन का समय से नहीं कर रहे निपटारा
किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन द्वारा फार्मर रजिस्ट्री अभियान संचालित किया जा रहा है। लेकिन कई जमीनों का अबतक ऑनलाइन परिमार्जन CO की लापरवाही के कारण लंबित है। जिसके कारण सैकड़ों जमीन मालिक किसान बनने की पात्रता से वंचित रह जाएंगे।
फार्मर रजिस्ट्री कार्य की गंभीरता एवं प्राथमिकता को रेखांकित करते हुए जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक गांव में लो परफॉर्मिंग कर्मियों की पहचान करें। ऐसे कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगी जाय। जिसके बाद अपर समाहर्ता राजस्व द्वारा न्यूनतम प्रदर्शन वाले 17 राजस्व कर्मियों को चिह्नित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सोमवार तक जिन कर्मियों का प्रदर्शन 50 प्रतिशत से कम पाया जाएगा, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित करने का भी निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने जीविका कर्मियों को विशेष रूप से निर्देश दिया है कि वे गांव स्तर पर किसानों का मोबिलाइजेशन करें और उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) तक लाकर निबंधन सुनिश्चित कराएं। साथ ही उन्होंने वरीय अधिकारियों और बीडीओ, सीओ को निर्देशित किया कि पूरे टीम के साथ गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करें, छूटे हुए किसानों का लिस्ट बनाकर संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों को फोन से सूचित करें।
मुजफ्फरपुर जिले में अब तक कुल 2,17,021 किसानों का निबंधन हो चुका है और पूरे सूबे में अब तक। नंबर वन पर है। जिनमें से 1,24,019 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हुए हैं। प्रखंडवार स्थिति पर देखें तो पारु में 20,516, बरूराज में 19,482 वहीं कुढ़नी में 18,827, जबकि मीनापुर में 17,567 और गायघाट में 15,972 किसान अब तक निबंधित हो चुके हैं।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए इसमें उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करें।
आपको बता दें कि फार्मर रजिस्ट्री का तृतीय चरण का विशेष अभियान 2 फरवरी से 6 फरवरी तक निर्धारित था। किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस अभियान की अवधि को बढ़ाकर 11 फरवरी तक कर दिया गया है।










