Muzaffarpur: दो जमीन विवाद पर 28 प्राथमिकी दर्ज; अब तक 7 गिरफ्तार; बड़े चेहरे पर कब होगी पुलिस की कार्रवाई..!

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Muzaffarpur Land Dispute: अहियापुर थाना क्षेत्र में जमीन पर पहले से निर्मित चहारदीवारी और मकानों में तोड़फोड़ तथा कथित जमीन कब्जे से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से 30 अगस्त 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 28 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

पुलिस के मुताबिक, मामले से जुड़े अलग-अलग प्रकरणों में विशेष टीम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 20 अगस्त को अहियापुर थाना क्षेत्र में चहारदीवारी और मकानों की तोड़फोड़ में कथित रूप से इस्तेमाल की गई जेसीबी मशीन जब्त की गई। जेसीबी के संचालक/मालिक सुबोध राय को भी गिरफ्तार किया गया है।

महिला के आवेदन पर ब्रह्मपुरा थाने में FIR

पुलिस के अनुसार, जमीन कब्जा गिरोह से कथित रूप से पीड़ित एक महिला ने 28 अगस्त 2026 को ब्रह्मपुरा थाना में आवेदन दिया था। इसके आधार पर ब्रह्मपुरा थाना कांड संख्या 259/26 दर्ज किया गया।

महिला ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पैगम्बरपुर कोल्हुआ, अहियापुर स्थित उनके पति की जमीन से संबंधित दस्तावेजों में कथित धोखाधड़ी और जालसाजी कर 35 लाख रुपये की राशि दर्शाते हुए बिक्री अभिलेख तैयार कराया गया। आवेदन में यह भी कहा गया है कि दस्तावेज में भारतीय स्टेट बैंक के चेक से बिक्री राशि प्राप्त होने का उल्लेख है, लेकिन उनके अनुसार उनके या उनके पति के बैंक खाते में उक्त राशि प्राप्त नहीं हुई।

महिला ने आवेदन में कई लोगों के नाम लेते हुए आपसी मिलीभगत से कथित रूप से दस्तावेज तैयार कराने और जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह भी आरोप है कि बैरिया स्थित उनके घर के छह कमरों में तोड़फोड़ की गई और संबंधित जमीन पर कथित रूप से कब्जा कर लिया गया।

स्थानीय लोगों ने 52 कट्ठा की जमीन विवाद के पीछे दो रिश्तेदारों के बीच बटवारे का मामला बताया है। इन लोगों का कहना है कि दोनों रिश्तेदारों में जमीन की पैमाइश और फ्रंट को लेकर पहले से विवाद चला आ रहा है।

70 डिसमिल जमीन को लेकर भी मामला दर्ज
पुलिस की जानकारी के मुताबिक, 29 अगस्त को एक अन्य व्यक्ति ने अहियापुर थाना में आवेदन देकर अपनी खतियानी और पुरखों से चली आ रही जमीन में से 70 डिसमिल जमीन के कथित फर्जी केवाला और दाखिल-खारिज का आरोप लगाया।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कथित रूप से जाली दस्तावेजों के आधार पर जमीन का दाखिल-खारिज कराया गया और बाद में उसी आधार पर जमीन को कई लोगों के नाम बेच कर दाखिल-खारिज कराने की कार्रवाई हुई।

पुलिस के अनुसार, संबंधित अंचल के कर्मचारी की ओर से गलत दस्तावेज के आधार पर दाखिल-खारिज कराए जाने की बात सामने आने के बाद उसे निरस्त कराने के लिए भूमि उप-समाहर्ता, मुजफ्फरपुर के समक्ष दो वाद भी दर्ज कराए गए हैं।

इस आवेदन के आधार पर अहियापुर थाना कांड संख्या 1375/26 दर्ज किया गया है। FIR में कुल आठ लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें सोनू कुमार उर्फ अभिनव कुमार, अरविंद कुमार मेहता, तुषार सिंह सहित राजस्व एवं अंचल से जुड़े कुछ अधिकारी-कर्मचारी और बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू का नाम भी शामिल है।

चार थानों में 28 FIR
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अनुसार, इस पूरे प्रकरण से जुड़े मामलों में अहियापुर, ब्रह्मपुरा, कच्ची-पक्की (सदर) और बेलसंड थाना क्षेत्रों में अब तक कुल 28 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस ने बताया कि पुराने मामलों में भी आगे की कार्रवाई की जा रही है। विशेष टीम द्वारा साक्ष्य जुटाने और आरोपों की जांच के साथ अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

अब तक 7 गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों में नन्हे सिंह, छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव, सुमित कुमार श्रीवास्तव, सन्नी सिंह, आनंद कुमार, विकाश राठौड़ और जेसीबी संचालक/मालिक सुबोध राय शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सवाल जनता के भरोसे का भी
जमीन से जुड़े इन मामलों ने पुलिस और प्रशासन के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। जिन जनप्रतिनिधियों और प्रभावशाली लोगों के पास जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचती है, उनके नाम यदि किसी FIR में सामने आते हैं तो स्वाभाविक रूप से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत और बढ़ जाती है।

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