Muzaffarpur: जिलाधिकारी से मिलीं इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल की छात्राएं, पढ़ाई, करियर और बालिका सुरक्षा पर हुई बातचीत

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जिला मुख्यालय। बीपी इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल, मुजफ्फरपुर की वरिष्ठ कक्षाओं की छात्राओं ने आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव, आईएएस से मुलाकात की। इस दौरान छात्राओं ने जिलाधिकारी से शिक्षा, करियर, अनुशासन और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत की।

मुलाकात के दौरान जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के लक्ष्यों जैसे मुद्दों पर बात की। उन्होंने छात्राओं से उनके करियर के रुझानों को जानने की कोशिश की। छात्राओं ने भी अपनी अपनी जिज्ञासाएं और सवाल उनके सामने रखे।

जिलाधिकारी ने छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन, मेहनत और निर्धारित लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास ही उनके लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए और शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन में आने वाली चुनौतियों को भी समझने का प्रयास करना चाहिए।

बालिका सुरक्षा पर भी हुई चर्चा

बातचीत के दौरान छात्राओं ने बालिकाओं की सुरक्षा के सवाल पर जिलाधिकारी ने छात्राओं को सजग और आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी। उन्होंने बालिकाओं के लिए सेल्फ डिफेंस यानी आत्मरक्षा प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। इसके साथ ही उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरत पड़ने पर 112 हेल्पलाइन नंबर के इस्तेमाल की जानकारी भी दी।

रक्षाबंधन पर छात्राओं ने बांधी राखी

मुलाकात के दौरान छात्राओं ने जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव को राखी बांधी। जिलाधिकारी ने छात्राओं को मिठाई खिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर विद्यालय की ओर से जिला अकादमिक कोऑर्डिनेटर दिव्या ने जिलाधिकारी को स्मृति स्वरूप एक छोटी भेंट प्रदान की। उन्होंने छात्राओं से मुलाकात के लिए समय निकालने और उनसे संवाद करने के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।

बच्चों को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना जरूरी :      विद्यालय के निदेशक सुमन कुमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को समाज और प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तियों से संवाद का अवसर मिलने से उन्हें वास्तविक जीवन के अनुभवों को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी शैक्षणिक ज्ञान के साथ मानसिक, सामाजिक और व्यावहारिक रूप से भी सक्षम बनें। बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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