मुफ्तखोड़ी के चक्कर में जान जोखिम में डाल रहे लोग; कानपुर में एक्सपायर्ड टॉफियां बीनने उमड़ी भीड़

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कानपुर/खबर जिन्दगी: मुफ़्त के राशन खाने की लोगों में ऐसी आदत लग गई है, की वो अपनी और परिवार की सेहत तक दांव पर लगा रहे हैं। कानपुर के पनकी इलाके से सामने आया एक ऐसा ही मामला लोगों के लिए गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जहां कूड़े के ढेर में फेंकी गई एक्सपायर्ड चॉकलेट और टॉफियों को लेने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई।

खबर जिन्दगी संवाददाता के अनुसार, पनकी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कूड़ा डंपिंग यार्ड में किसी कंपनी या व्यापारी द्वारा बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड हो चुकी चॉकलेट और टॉफियां फेंकी गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही स्थानीय लोगों और बच्चों को इसकी जानकारी मिली, वहां इन्हें बीनकर घर ले जाने वालों की भीड़ लगनी शुरू हो गई।

लोग थैलों और बोरियों, कार्टूनों में टॉफियां और चॉकलेट भरकर ले जाते दिखाई दिए। क्या बूढ़े और क्या बच्चे, घर कि महिलाओं ने भी ये मौका गवाना उचित नहीं समझा। सब के सब उन टॉफियों पर टूट पड़े थे। लोगों ने अपनी कारें, बाइक्स तक रोककर इन टॉफियों पर अपना हांथ साफ किया। हैरानी की बात यह है कि सामान की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है इसके बावजूद इसे लेने के लिए लोगों में होड़ नजर आई।

मुफ्त के लालच में सेहत से खिलवाड़?

एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों को खाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में कूड़े के ढेर से मिली टॉफियों और चॉकलेट को बिना जांचे बच्चों या परिवार के सदस्यों को खिलाना गंभीर लापरवाही साबित हो सकती है। यह तस्वीर केवल एक भीड़ की नहीं, बल्कि उस मानसिकता पर भी सवाल खड़ा करती है जिसमें ‘मुफ्त’ देखकर लोग यह तक भूल जाते हैं कि सामने रखी चीज खाने लायक है या नहीं।

बच्चों को लेकर सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चिंता बच्चों को लेकर है। रंग-बिरंगी टॉफियां देखकर बच्चे उन्हें खाने के लिए आकर्षित हो सकते हैं, लेकिन अगर वे एक्सपायर्ड हैं तो उनका सेवन नुकसानदेह हो सकता है। इन खराब हो चुकी टॉफियों पर टूटे लोगों को इस बात का अंदाजा बिल्कुल भी नहीं था। लेकिन मुफ्त का मिला तो अभिभावक ये सीख भी भूल जाते है कि कूड़े या खुले स्थान से मिली किसी भी खाद्य वस्तु को बच्चों तक पहुंचने से रोकें।

प्रशासन और कारोबारी भी सवालों के घेरे में

घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री खुले कूड़ा डंपिंग यार्ड तक आखिर कैसे पहुंची। यदि किसी कंपनी या व्यापारी ने इसे नष्ट करने के लिए फेंका था, तो खाद्य सामग्री के सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। साथ ही प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री कूड़े से उठाकर दोबारा लोगों के खाने तक न पहुंचे।

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