साहेबगंज अस्पताल परिसर बना वाहन प्रचार कार्यक्रम का अड्डा; रोगी कल्याण समिति ने स्वास्थ्य विभाग से कार्रवाई की मांग

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

Advertisements
ad

मुजफ्फरपुर/साहेबगंज: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, साहेबगंज का परिसर आजकल प्रचार का अड्डा बन गया है। आए दिन वहां कोई न कोई कंपनी अपनी प्रचार सामग्री ले कर पहुंच जाती है। प्रचार-प्रसार कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर तेज आवाज में डीजे और आर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित किए जाने के कारण अस्पताल और मरीजों की शांति भंग हो रही है। ताजा मामला टाटा नेक्सन वाहन के प्रचार-प्रसार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

रोगी कल्याण समिति के शासी निकाय सदस्य शाहिद भारती ने इस मामले में बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव और मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी को लिखित शिकायत भेजकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल परिसर में टाटा नेक्सन वाहन के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित कार्यक्रम में स्टेज और हाई-लेवल साउंड सिस्टम लगाया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि कार्यक्रम के दौरान आर्केस्ट्रा और कथित रूप से आपत्तिजनक नृत्य एवं गीत प्रस्तुत किए गए तथा तेज आवाज में डीजे बजाया गया। इससे अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी होने की बात कही गई है।

अस्पताल परिसर में कार्यक्रम को लेकर उठे सवाल

शाहिद भारती ने अपने पत्र में सवाल उठाया है कि क्या किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर में इस तरह का मनोरंजन अथवा प्रचार कार्यक्रम आयोजित किया जाना उचित है। उन्होंने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य विभाग से यह भी स्पष्ट करने का आग्रह किया है कि कार्यक्रम किसके आदेश या अनुमति से आयोजित किया गया था और अस्पताल परिसर में इस प्रकार के आयोजन के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं।

जिम्मेदारी तय करने की मांग

शिकायत में कार्यक्रम से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों, संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के विरुद्ध जांच के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

जांच के बाद ही साफ होगी वास्तविक स्थिति

हालांकि, शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। कार्यक्रम के आयोजकों अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

अब मुख्य सवाल यह है कि अस्पताल परिसर में प्रचार कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति किस स्तर से दी गई थी, कार्यक्रम के लिए क्या शर्तें निर्धारित थीं और क्या उनका पालन हुआ? स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

Advertisements