
मुजफ्फरपुर/खबर जिन्दगी: अगर आपकी गाड़ी का ट्रैफिक चालान लंबित है, तो आपके लिए काम की खबर है। 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होने जा रही है। इससे पहले ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों में लोगों की सुविधा के लिए 5 सितंबर से 11 सितंबर तक वेरिफिकेशन कैंप भी लगाया जाएगा।
वेरीफिकेशन कैंप मुजफ्फरपुर DTO कार्यालय में आयोजित होगा। इसका उद्देश्य 12 सितंबर को लोक अदालत के दिन होने वाली भीड़ और लंबी कतार को कम करना है। वाहन मालिक कैंप के दौरान अपने चालान से संबंधित दस्तावेजों और मामले का सत्यापन करा सकेंगे।
5 से 11 सितंबर तक करा लें वेरिफिकेशन
जिन वहां मालिकों ने गलत चालान काटने का आवेदन दिया है वे लोग निर्धारित अवधि में DTO कार्यालय पहुंचकर वेरिफिकेशन करा सकते हैं। सत्यापन के बाद चालान से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर लेने से 12 सितंबर को लोक अदालत के दिन अनावश्यक इंतजार से बचने में मदद मिल सकती है।
कैंप की जानकारी:
– वेरिफिकेशन की तारीख: 5 सितंबर से 11 सितंबर 2026
– स्थान: मुजफ्फरपुर DTO कार्यालय
– लाभार्थी: संबंधित लंबित ट्रैफिक चालान वाले वाहन मालिक
– लोक अदालत: 12 सितंबर 2026
– उद्देश्य: लोक अदालत के दिन भीड़ और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को कम करना
50 प्रतिशत की रियायत
विभाग के द्वारा जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार चालान के भुगतान में 50 प्रतिशत छूट सभी चालानों पर लागू नहीं होगी। छूट की पात्रता चालान की तारीख और संबंधित नियमों पर निर्भर करेगी। बताया गया है कि 90 दिन से पुराने पात्र चालानों पर निर्धारित छूट का लाभ मिल सकता है, जबकि 90 दिन के भीतर कटे चालानों पर पूरा जुर्माना लागू हो सकता है।
इसलिए वाहन मालिक बिना पुष्टि किए यह न मानें कि हर चालान आधी राशि में समाप्त हो जाएगा। अपने चालान की वास्तविक स्थिति, पात्रता और देय राशि का सत्यापन संबंधित कार्यालय से जरूर कराएं।
लोक अदालत में क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रक्रिया?
राष्ट्रीय लोक अदालत में ऐसे मामलों का निपटारा किया जाता है जिनमें कानून के तहत समझौता या सुलह संभव हो। लोक अदालत की प्रक्रिया का उद्देश्य लोगों को अपेक्षाकृत सरल और कम खर्चीले तरीके से विवादों का समाधान उपलब्ध कराना है। ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों में पहले से वेरिफिकेशन करा लेने पर 12 सितंबर को प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा हो सकती है।
लोक अदालत में किन मामलों का होगा निपटारा?
लोक अदालत में कानून के अनुसार आम तौर पर कई तरह के विवादों का निपटारा किया जाता है। इनमें बैंक ऋण वसूली, चेक बाउंस से जुड़े कुछ मामले, बिजली-पानी और अन्य बिल विवाद, मोटर दुर्घटना मुआवजा मामले, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद तथा कुछ सिविल और प्री-लिटिगेशन मामले शामिल हो सकते हैं। हालांकि, हर मामला लोक अदालत में निपटारे योग्य नहीं होता। किसी मामले की पात्रता संबंधित कानून और मामले की प्रकृति पर निर्भर करती है।
वाहन मालिक को क्या करना होगा?
अगर आपका चालान लंबित है और आप लोक अदालत के जरिए उसका निपटारा कराना चाहते हैं, तो 5 से 11 सितंबर के बीच DTO कार्यालय में वेरिफिकेशन की जानकारी जरूर लें। अपने वाहन और चालान से संबंधित आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और भुगतान से पहले छूट तथा अंतिम देय राशि की पुष्टि करें।
12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी। समय रहते जानकारी और वेरिफिकेशन करा लेने से अंतिम दिन होने वाली भीड़ और अतिरिक्त परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।
आम लोगों के लिए सीधी बात
चालान है तो घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन किसी वायरल मैसेज पर आंख बंद करके भरोसा भी न करें। 50 प्रतिशत छूट की पात्रता पहले जांचें, वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें और भुगतान से पहले संबंधित अधिकारी से अंतिम राशि की पुष्टि जरूर करें।










