
मुजफ्फरपुर: भारी-भड़कम बिजली बिल की राशि किस्तों में चुकाने की उम्मीद कर रहे उपभोक्ताओं को हजारों रुपए के डिफरमेंट चार्ज की एकमुश्त कटौती ने परेशानी में डाल दिया है। बिहार में डिफरमेंट के नाम पर उपभोक्ताओं के खाते से कटौती कर रही है। सोमवार को मुजफ्फरपुर में तिलक मैदान स्थित बिजली कार्यालय में बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंचे और बिजली खाते से अचानक राशि कटौती होने की शिकायत की।
उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके बिजली खातों में डिफरमेंट चार्ज के नाम पर एक साथ करीब 800 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक की राशि की कटौती किए जाने से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। लोगों ने बिजली कर्मियों के सामने अपनी शिकायतें रखीं और राशि को किस्तों में समायोजित करने की मांग की।
अचानक माइनस हो रहा बिजली खाते का बैलेंस
महाराजी पोखर निवासी मो. नौशाद के अनुसार, उनके बिजली खाते का बैलेंस अचानक करीब 800 रुपये माइनस में चला गया। इसी तरह कार्यालय पहुंचे अन्य उपभोक्ताओं ने भी दो हजार से पांच हजार रुपये तक की राशि एक साथ कटने शिकायत की।
उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि डिफरमेंट चार्ज की राशि को एकमुश्त काटने के बजाय निर्धारित किस्तों में समायोजित किया जाए तो उन्हें आर्थिक परेशानी कम होगी।
पूरे मुजफ्फरपुर के उपभोक्ताओं हो रहे परेशान
चंदवारा और सरैयागंज सेक्शन से करीब 40 हजार बिजली उपभोक्ता परेशान हैं जिसमें से लगभग 30 हजार उपभोक्ता डिफरमेंट चार्ज से प्रभावित हैं। पीड़ित उपभोक्ताओं का कहना है कि हर महीने डिफरमेंट चार्ज के नाम पर बिजली विभाग द्वारा पैसे काटा जाना अब आम बात हो गई है। बिजली विभाग द्वारा खाते से अचानक से बड़ी राशि कटौती कर लेने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
बिहार के अन्य जिलों की स्थिति यह समस्या केवल एक जिले की नहीं है बल्कि पूरे बिहार की यहां स्थिति है। हर जगह जिन लोगों ने भी प्रीपेड मीटर लगाया है उनके साथ डिफरमेंट का खेल खूब हो रहा है। सरकार कहती है कि वो 125 फ्री यूनिट के बराबर की राशि उपभोक्ताओं के बिजली खाते में क्रेडिट कर रही है। लेकिन डिफरमेंट के नाम पर 2 से 3 गुणा राशि लोगों के खातों से उड़ा ले रही है
विभाग से स्पष्टीकरण और समाधान की मांग
उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग से डिफरमेंट चार्ज की गणना और कटौती की प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही उनका कहना है कि यदि राशि बकाया या पूर्व समायोजन से संबंधित है, तो उसकी जानकारी उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
बिहार में डिफरमेंट चार्ज के तौर पर काटे जा रहे राशि को लेकर कभी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। बिजली विभाग कभी लोड का बहाना बनाता है या फिर कभी बिजली से संबंधित एप्लीकेशन के अपग्रेडेशन की बात करता है। लगभग 5 साल से ऊपर हो गए प्रिपेड मीटर मुजफ्फरपुर में उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए हुए लेकिन आज तक एक भी उपभोक्ता बिजली विभाग के कार्यकलाप और जवाब से संतुष्ट नहीं है।










