
तत्कालीन CO और राजस्व कर्मचारी से मांगा स्पष्टीकरण; 4 जुलाई को चलाई गई थी खबर
मुजफ्फरपुर/ खबर जिन्दगी: जिले के बोचहां अंचल में दाखिल-खारिज से जुड़े एक मामले में मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला उन दाखिल-खारिज वादों से संबंधित है, जिन्हें पहले अस्वीकृत किए जाने के बाद कथित तौर पर नए वाद के माध्यम से स्वीकृत किया गया।
इस मामले को लेकर 4 जुलाई को खबर जिन्दगी ने खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद मामले ने प्रशासनिक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद आम जनता से साक्षात्कार कार्यक्रम के दौरान प्राप्त परिवाद की जांच कराई गई और अब जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर कुमार गौरव ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
बड़ी खबर: बोचहां अंचल में दाखिल-खारिज घोटाले का आरोप, गलत वंशावली बना बेच दी जमीन https://khabarjindagi.com/big-news-allegations-of-a-mutation-scam-in-bochahan-block-land-sold-using-a-fabricated-genealogy-and-a-case-of-re-approval-granted-on-the-same-deed-demand-made-to-the-dm-for-dismissal/
तीन दाखिल-खारिज वादों पर उठे सवाल
जिलाधिकारी की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी पत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता दिनकर शाही ने आरोप लगाया था कि बोचहां के तत्कालीन अंचल अधिकारी राजा कुमार और तत्कालीन राजस्व कर्मचारी संजीव कुमार द्वारा दाखिल-खारिज वाद संख्या 5983/2022-23, 5984/2022-23 और 5985/2022-23 को पहले अस्वीकृत किए जाने के बावजूद उसी अभिलेख के आधार पर नए वाद के माध्यम से स्वीकृत किया गया।
शिकायत की जांच भूमि सुधार उप समाहर्ता, पूर्वी, मुजफ्फरपुर से कराई गई। जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि उक्त तीनों दाखिल-खारिज वाद पूर्व में अस्वीकृत किए गए थे और बाद में उन्हें न्यायिक आदेश के बिना नए वाद के माध्यम से स्वीकृत किया गया।
डीएम ने मांगा एक सप्ताह में जवाब
जिलाधिकारी कुमार गौरव ने तत्कालीन अंचल अधिकारी राजा कुमार और तत्कालीन राजस्व कर्मचारी संजीव कुमार से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। दोनों को पत्र प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने पूछा है कि किन परिस्थितियों में पहले अस्वीकृत किए गए तीनों दाखिल-खारिज वादों को नए वाद के माध्यम से स्वीकृति दी गई।
पत्र में यह भी कहा गया है कि निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर यह माना जाएगा कि संबंधित अधिकारियों को लगाए गए आरोप स्वीकार हैं और इसके बाद नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई के लिए विभाग को प्रतिवेदन भेजा जा सकता है।
बिहार भूमि पोर्टल पर दर्ज होती है वाद की जानकारी
जिलाधिकारी के पत्र में बिहार भूमि पोर्टल पर पूर्व में स्वीकृत और अस्वीकृत दाखिल-खारिज वादों की जानकारी उपलब्ध होने का भी उल्लेख किया गया है। प्रशासन के अनुसार, संबंधित वाद की पूर्व स्थिति की पहचान किया जाना आवश्यक था।
जांच प्रतिवेदन में इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं और इसे बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 में निहित प्रावधानों के अनुरूप नहीं बताया गया है।
वर्तमान में दोनों अधिकारी अलग-अलग जिलों में पदस्थापित
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, राजा कुमार वर्तमान में अंचल अधिकारी, दुर्गावती, कैमूर (भभुआ) के पद पर पदस्थापित हैं, जबकि संजीव कुमार वर्तमान में राजस्व कर्मचारी, अंचल पचरूखी, सीवान में कार्यरत हैं।
मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर दोनों अधिकारियों तक स्पष्टीकरण पत्र का तामिला कराने और तामिला प्रतिवेदन भेजने का अनुरोध किया है।
स्पष्टीकरण के बाद अगली कार्रवाई
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर मामले में स्पष्टीकरण की प्रक्रिया चल रही है। संबंधित अधिकारियों का जवाब मिलने के बाद ही आरोपों और जांच प्रतिवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।










