बड़ी खबर: बोचहां अंचल में दाखिल-खारिज घोटाले का आरोप, गलत वंशावली बना बेच दी जमीन

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एक ही विलेख पर दोबारा स्वीकृति देने का मामला; DM से बर्खास्तगी की मांग

मुजफ्फरपुर | विशेष रिपोर्ट
मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां अंचल में भूमि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। RTI कार्यकर्ता दिनकर शाही ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि एक ही विलेख पर पहले अस्वीकृत किए गए दाखिल-खारिज मामलों को नए वाद संख्या से दोबारा स्वीकृत कर दिया गया, जो राजस्व विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन है।

दरअसल जमीन का यह खेल कैसे हुआ यह भी बताएंगे, लेकिन खबर क्या है यह जान लीजिए। शिकायत में कहा गया है कि करणपुर उत्तरी हल्का के चौपार भरत मौजा में वाद संख्या 4958/2022-23, 4960/2022-23 और 4961/2022-23 को पहले अस्वीकृत किया गया था। इसके बावजूद उसी विलेख के आधार पर 5983/2022-23, 5984/2022-23 और 5985/2022-23 के नाम से नए वाद बनाकर दाखिल-खारिज स्वीकृत कर दिया गया।

RTI कार्यकर्ता का आरोप है कि एक बार अंचल स्तर पर किसी दाखिल-खारिज वाद का निपटारा हो जाने के बाद, बिना सक्षम प्राधिकारी या भूमि उप समाहर्ता (DCLR) के आदेश के उसी विलेख पर दोबारा दाखिल-खारिज की स्वीकृति देना नियमों के विपरीत है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का गंभीर मामला बताते हुए तत्कालीन अंचलाधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

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शिकायत में जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों की पहचान कर बर्खास्तगी सहित कड़ी विभागीय कार्रवाई करने की मांग की गई है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह मामला न केवल राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा, बल्कि भूमि अभिलेखों की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी बड़ा असर डाल सकता है।

अब यहां यह जान लेते हैं कि जमीन का यह खेल कैसे हुआ। जमीन का यह खेल साहू शरण वर्मा की चौथी पुस्त के द्वारा रचा गया जब शशांक कुमार, पिता स्वर्गीय कृष्ण शंकर वर्मा ने यह जमीन संजय राम, पिता रामप्रसाद ग्राम-भीखनपुर, थाना-अहियापुर के हाथों बेच  दी गई। लेकिन जमीन के असली मालिक ने यह जमीन बोचहा के  ही स्थानीय के हाथों बेच दी गई थी।

हालांकि, यह स्पष्ट किया जाता है कि ये आरोप RTI कार्यकर्ता द्वारा अपनी शिकायत में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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