मुजफ्फरपुर: कांटी के तत्कालीन BDO के ठिकानों पर EOU की बड़ी कार्रवाई; आय से दोगुने से ज्यादा की संपत्ति आई पकड़ में

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सरकारी नौकरी, मोटी तनख्वाह… फिर भी करोड़ों की संपत्ति का सवाल! आय से 121.87 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप

दरभंगा/मुजफ्फरपुर (खबर जिन्दगी): सरकारी सेवा में जिम्मेदार पद, नियमित वेतन और तमाम सुविधाएं… इसके बावजूद अगर किसी अधिकारी की संपत्ति उसकी ज्ञात आय से कहीं ज्यादा पाई जाए तो सवाल उठना स्वाभाविक है। बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की एक कार्रवाई ने इसी सवाल को फिर चर्चा में ला दिया है।

दरभंगा जिले के बहादुरपुर में पदस्थापित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. आनंद विभूति के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में EOU ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है। कार्रवाई निगरानी न्यायालय के आदेश के बाद की जा रही है।

आय से 121.87 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप

EOU के अनुसार, जांच में डॉ. आनंद विभूति के पास उनकी ज्ञात आय से करीब 1 करोड़ 71 लाख 84 हजार रुपये की अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी के मुताबिक यह राशि उनकी आय की तुलना में लगभग 121.87 प्रतिशत अधिक बताई गई है।

यह आंकड़ा सामने आने के बाद सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और अवैध संपत्ति को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, आय से अधिक संपत्ति का आरोप जांच का विषय है और अंतिम दोष सिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

कई ठिकानों पर एक साथ EOU की छापेमारी

जानकारी के मुताबिक EOU की टीम ने पूर्वी चंपारण स्थित पैतृक आवास, पटना के दानापुर स्थित आशोपुर के साई विहार अपार्टमेंट, दरभंगा के बहादुरपुर BDO कार्यालय, सरकारी आवास और मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित निजी आवास समेत कई ठिकानों पर जांच की।

छापेमारी के दौरान टीम ने दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य सामग्रियों की जांच की। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही जांच एजेंसी द्वारा ही स्पष्ट की जाएगी कि क्या-क्या महत्वपूर्ण दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है।

कांटी से बहादुरपुर तक पहुंचा मामला

बताया जा रहा है कि डॉ. आनंद विभूति करीब दो महीने पहले मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड से स्थानांतरित होकर बहादुरपुर BDO के पद पर पहुंचे थे। यही वजह है कि EOU की कार्रवाई का असर मुजफ्फरपुर के कांटी से लेकर दरभंगा और पटना तक चर्चा में है।

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सरकारी वेतन और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर?

सरकारी अधिकारी को वेतन, भत्ते और सेवा संबंधी सुविधाएं सरकार की ओर से मिलती हैं। ऐसे में जब किसी अधिकारी पर ज्ञात आय से बड़ी मात्रा में अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप सामने आता है, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर अतिरिक्त संपत्ति का स्रोत क्या है? क्या यह संपत्ति वैध आय और निवेश से बनी या इसके पीछे कोई अन्य माध्यम था? इन सवालों का जवाब EOU की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही सामने आएगा।

भीड़ जुटी, प्रशासनिक महकमे में भी चर्चा

छापेमारी की खबर फैलते ही संबंधित आवास के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं, प्रशासनिक महकमे में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई।
फिलहाल EOU की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। जांच पूरी होने और आधिकारिक रूप से बरामदगी या अन्य निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।

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