
मुजफ्फरपुर/खबर जिन्दगी: मझौलिया स्थित होटल एमेरल्ड में देर रात तक मुजफ्फरपुर के आम और नामचीन, सूफ़ीवाना संगीत के मनमोहक फ़िज़ा में खोये रहे। होटल में रविवार को आयोजित एक विशेष सांस्कृतिक एवं संगीत संध्या में विश्व प्रसिद्ध कुतबी ब्रदर्स ने अपनी सूफियाना कव्वाली से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भावपूर्ण गायकी, पारंपरिक सूफी संगीत और संतों एवं सूफी कवियों की रचनाओं की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

कुतबी ब्रदर्स में प्रसिद्ध कव्वाल इदरीस कुतबी तथा उनके पुत्र अरशद कुतबी और अदनान कुतबी शामिल रहे। तीनों कलाकारों ने अपनी विशिष्ट गायकी के माध्यम से सूफी परंपरा से जुड़ी कई प्रसिद्ध रचनाओं और कलामों की प्रस्तुति दी।

अमीर खुसरो से कबीर तक की रचनाओं की प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान अमीर खुसरो, बाबा बुल्ले शाह, मीरा और संत कबीर जैसे महान संतों एवं सूफी कवियों की रचनाओं को भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया गया।

‘मन कुंतो मौला’, ‘कोई पुकारे अल्लाह तुझको कोई कहे भगवान’, ‘भर दे झोली मेरी या मोहम्मद’ और ‘छाप तिलक सब छीनी’ जैसी चर्चित सूफी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने अपनी शैली में अस्ताना गायकी की भी प्रस्तुति दी, जिसे श्रोताओं ने सराहा और तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

डॉ. मलय नीरव और तुलिका शरण ने किया आयोजन
इस सांस्कृतिक संध्या का आयोजन दाता राजेंद्र शाह के उर्स के मौके पर सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली के डीन सह प्राध्यापक, बीबीसी के पूर्व सलाहकार एवं खेल संपादक डॉ. मलय नीरव तथा तुलिका शरण द्वारा किया गया। दोनों ने कुतबी ब्रदर्स के साथ गायन में भी सहभागिता की।

इस शानदार सांस्कृतिक एवं संगीत का आगाज डॉ मलय नीरव के संबोधन से हुआ। अपने उद्बोधन में डॉ नीरव ने कहा कि मुजफ्फरपुर गौतम बुद्ध के संस्कार, साहित्य, संस्कृति एवं कला के समृद्ध परंपरा की धरती रही है। आज विश्व प्रसिद्ध कव्वाली गायक कुतबी ब्रदर्स की गायिकी यहाँ के कला के रंग में घुलेगा और आप इस ऐतिहासिक शाम के गवाह रहेंगे।

साहित्य और कला जगत से जुड़ी हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम में साहित्य, कला, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें अमिताभ राजन, कविता राजन, साहित्य अकादमी से सम्मानित प्रसिद्ध कवयित्री अनामिका, बिंदू अमिताभ, पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा, आईपीएस नैयर हसनैन खान, डॉ. अरुण साह, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. ममता रानी, डॉ. संजय पंकज, डॉ. ज्योति नारायण, डॉ. पंकज कर्ण, डॉ. रमेश रितम्भर, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. बबीता कुमारी, डॉ. तृप्ति सिंह और अरविंद वरुण सहित शहर के अनेक साहित्यकार, कवि, समाजसेवी और बुद्धिजीवी शामिल रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने सूफियाना संगीत की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। आयोजन ने मुजफ्फरपुर के सांस्कृतिक परिदृश्य में संगीत, साहित्य और आध्यात्मिक अभिव्यक्ति के एक साझा मंच की झलक प्रस्तुत की।
कुतबी ब्रदर्स की प्रस्तुति के साथ सजी यह संगीत संध्या शहर के कला और साहित्य प्रेमियों के लिए एक विशेष सांस्कृतिक अवसर के रूप में सामने आई।










