मुजफ्फरपुर: विद्या भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे ने विद्यार्थियों से शिक्षा, संस्कार और अनुशासन पर किया संवाद

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मुजफ्फरपुर/खबर जिन्दगी: बुधवार 02 सितंबर को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे ने मुजफ्फरपुर का दौरा किया।अपने मुजफ्फरपुर प्रवास के दौरान उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर, सदातपुर में विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, संस्कार, अनुशासन, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

संवाद से पहले विद्यालय में विशेष वंदना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके बाद डॉ. कान्हेरे ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, रुचि, भविष्य के लक्ष्य और विद्यालय में संचालित गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी सवालों के जरिए शिक्षा को लेकर अपनी अपनी आशंकाएं सवालों के रूप में उनके सामने रखी।

शिक्षा के उद्देश्य को लेकर विद्यार्थियों से की चर्चा
शिक्षा के उद्देश्य को लेकर डॉ. रविंद्र कान्हेरे ने कहा कि  पुस्तकीय ज्ञान या परीक्षा में अंक हासिल करना ही शिक्षा  नहीं है। बल्कि शिक्षा के माध्यम से चरित्र, संस्कार, संवेदनशीलता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक एवं राष्ट्रीय जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को लगातार सीखने, सवाल पूछने और अपनी प्रतिभा को सकारात्मक दिशा में विकसित करने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं पर भी विद्यार्थियों के साथ चर्चा हुई।

कार्यक्रम में लोक शिक्षा समिति, बिहार के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह, उत्तर बिहार के विभाग निरीक्षक राजेश रंजन, सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य विकास मिश्रा, भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के सचिव डॉ. ललित किशोर, विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीश गुप्ता समेत शिक्षा क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारी, आचार्य और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय का किया अवलोकन
विद्यालय कार्यक्रम के बाद डॉ. कान्हेरे ने सदातपुर स्थित भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय का भी अवलोकन किया। महाविद्यालय के सचिव डॉ. ललित किशोर और प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल ने उन्हें संस्थान की शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी दी। इसके बाद डॉ. कान्हेरे ने महाविद्यालय के विभिन्न विभागों, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गतिविधियों का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षक निर्माण को शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए शिक्षक की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल विषय का ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और जीवन-दृष्टि के विकास में भी योगदान देना है।

शिक्षा क्षेत्र के पदाधिकारियों से भी चर्चा
मुजफ्फरपुर प्रवास के दौरान डॉ. रविंद्र कान्हेरे ने शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर लोक शिक्षा समिति, बिहार और विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान से जुड़े पदाधिकारी तथा शिक्षा क्षेत्र के कार्यकर्ता से विशेष चर्चा की। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था में प्रभावी रूप से लागू करने से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया।

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