PNB में 17 करोड़ का सबसे बड़ा घोटाला!; उत्तरप्रदेश की सहारनपुर की शाखा में पहुंचा नकली नोट

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करेंसी चेस्ट में करोड़ों के जाली नोट मिलने से मचा हड़कंप, जांच में खुलेंगे कई राज

सहारनपुर/खबर जिन्दगी: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के बाद बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली करेंसी बैंक के करेंसी चेस्ट तक आखिर पहुंची कैसे?

मामले की जांच अब सिर्फ जाली नोटों की बरामदगी तक सीमित नहीं है। पुलिस, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और PNB की संयुक्त टीम यह पता लगाने में जुटी है कि ये नोट किस स्रोत से आए और बैंकिंग चैनल की किन प्रक्रियाओं से गुजरते हुए करेंसी चेस्ट तक पहुंचे। जांचकर्ताओं के द्वारा बताया गया है कि 500 के जाली नोट के 340 बंडल प्राप्त हुए हैं। जो जनता के इस्तेमाल के लिए अब तक जारी नहीं किया गया था।

क्या PNB में 17 करोड़ का घोटाला हुआ है?
फिलहाल जांच एजेंसी करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोटों की मौजूदगी ने बैंक की कैश गिनती, छंटाई, सत्यापन और निगरानी व्यवस्था को लेकर तहकीकात कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संदिग्ध नोट एक साथ करेंसी चेस्ट तक पहुंचे या अलग-अलग समय में बैंकिंग सिस्टम के माध्यम से जमा होते रहे।

करेंसी चेस्ट में कैसे पहुंचते हैं नोट?
करेंसी चेस्ट में नकदी जमा करने की एक निर्धारित प्रक्रिया है। जिसमें नोटों की गिनती कर बंडल बनाए जाते हैं और रिकॉर्ड को चेस्ट में दर्ज किया जाता है। अब जांच में इन सब प्रक्रियाओं में लू फॉल्स कहां रहा गया इसका पता लगा रही है। जांच टीम यह देख रही है कि संदिग्ध नोट किस तारीख को आए, उनका बंडल नंबर क्या था, रकम किस शाखा या करेंसी चेस्ट से आई और उसे किस कर्मचारी तथा अधिकारी ने प्राप्त एवं सत्यापित किया।

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दूसरी शाखा से जमा कराने आए रकम पर भी संदेह
जांच एजेंसियां इस संभावना को भी देख रही हैं कि कहीं ये नोट किसी दूसरी बैंक शाखा या करेंसी चेस्ट से तो नहीं आए थे। यदि ऐसा कोई लिंक सामने आता है तो जांच का दायरा सहारनपुर से बाहर भी बढ़ सकता है। इसके अलावा नोटों की पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनों और बैंक में निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।

जाली नोट की जानकारी कैसे आई सामने
दरअसल RBI के जयपुर कार्यालय में करीब 11.50 करोड़ रुपये की करेंसी भेजी गई। जिसमें 4 लाख 30 हजार रुपये कम होने की शिकायत की गई। जब इसकी खोजबीन शुरू हुई । इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो करेंसी चेस्ट के भीतर करीब 7.40 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने की जानकारी सामने आई। धीमे धीमे जब जांच आगे बढ़ी तो अब तक यह आंकड़ा करीब 17 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई है। अब यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि यह रकम एक बार में आई या अलग अलग समय पर चेस्ट रूम पहुंचा।

21 सदस्यीय टीम कर रही जांच 3 पर संदेह
मामले की गंभीरता को देखते हुए RBI और PNB की 21 सदस्यीय संयुक्त टीम सहारनपुर पहुंचकर जांच कर रही है। टीम ने कई घंटे तक बैंक में रिकॉर्ड और कैश से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से जुड़े एक हाउसकीपर और तीन बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी अधिकारी की भूमिका या जाली नोटों के स्रोत के साथ उसके संबंध को अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता। वैसे संदिग्धों के bank account को सीज कर दिया है।

PNB के करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये की जाली करेंसी मिलने के मामले में जांच कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही है। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि मामला सिर्फ जाली नोट मिलने का नहीं, बल्कि बैंकिंग सिस्टम में नकदी की निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों का भी है।

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