
जल संरक्षण कार्यक्रम के बीच ‘लीचिया लाले लाल’ की दस्तक; जलशक्ति राज्यमंत्री डॉ. राज भूषण को भेंट की गई पुस्तक
मुजफ्फरपुर, 22 सितंबर 2026: नई दिल्ली में जब देश-दुनिया के विशेषज्ञ भारत मंडपम में जल संसाधन, जल संरक्षण और Climate Resilient Water Management पर मंथन कर रहे हैं, उसी दौरान मुजफ्फरपुर ने भी इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी सांस्कृतिक पहचान दर्ज कराने की कोशिश की है। फर्क बस इतना है कि यहां चर्चा पानी की है और मुजफ्फरपुर की ओर से हाथ में पहुंची है “लीची की कहानी”।
मालीघाट स्थित सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन की बैठक में संस्थान की संरक्षक एवं वरिष्ठ कठपुतली कलाकार कांता देवी ने इस खबर की जानकारी दी।
सांसद राज भूषण चौधरी को भेंट की गई ‘लीचिया लाले लाल’ पुस्तक

कांता देवी ने बताया कि फाउंडेशन के सचिव एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने नई दिल्ली में मुजफ्फरपुर के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुजफ्फरपुर की लीची, लोक संस्कृति और लोकगीतों को केंद्र में रखकर तैयार की गई पुस्तक ‘लीचिया लाले लाल’ भेंट की।
22 से 26 सितंबर तक चलेगा अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह
आधिकारिक जानकारी के अनुसार 9वां India International Water Week-2026 22 से 26 सितंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है। इसका विषय “Climate Resilient Water Management” रखा गया है। इस सम्मेलन में 26 सितंबर को अध्ययन यात्राएं प्रस्तावित हैं। जबकि जल संसाधन प्रबंधन, जल सुरक्षा, जलवायु जोखिम, टिकाऊ जल प्रबंधन और तकनीकी समाधान जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।
मंच अंतर्राष्ट्रीय, पहचान स्थानीय
India International Water Week में देश-विदेश के नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों, योजनाकारों और अन्य हितधारकों की भागीदारी हो रही है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार इसका उद्देश्य जल क्षेत्र में ज्ञान, तकनीक, अनुभव और साझेदारी को बढ़ावा देना है।

सुनील कुमार ने कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्रदान करने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी और उनके सांसद प्रतिनिधि प्रोफेसर जयनन्दन सहनी के प्रति आभार जताया।










