सोना देवी विश्वविद्यालय में हुआ विश्व फार्मासिस्ट दिवस का आयोजन

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सोना देवी विश्वविद्यालय घाटशिला में विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य-जागरूकता, जनसेवा, शोध और नवाचार का संदेश दिया।

उमेश कांत गिरी, ब्यूरो प्रमुख. घाटशिला. झारखंड

घाटशिला, 25 सितंबर 2026: सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के स्कूल ऑफ फार्मेसी द्वारा विश्व फार्मासिस्ट दिवस–2026 के अवसर पर शुक्रवार को विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में भव्य शैक्षणिक, जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम “Empowering Pharmacists for a Healthier Future” थी।

दीप प्रज्वलन एवं अतिथि सम्मान
कार्यक्रम का शुभारंभ बी.फार्मा पाँचवें सेमेस्टर के विद्यार्थी संदीप सिंह देव द्वारा स्वागत एवं कार्यक्रम परिचय से हुआ। इसके पश्चात गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. सुंदर लाल मार्डी को विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं विशेष अतिथि श्री जितेंद्र सिंह देव को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) ब्रज मोहन पाट पिंगुआ द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह, कुलपति प्रो. (डॉ.) ब्रज मोहन पाट पिंगुआ, कुलसचिव डॉ. नीत नैना, स्कूल ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य श्री सुधांशु शांडिल्य, मुख्य अतिथि डॉ. सुंदर लाल मार्डी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, CHC केंदाडीह, विशेष अतिथि श्री जितेंद्र सिंह देव, BTT Trainer, CHC केंदाडीह, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को फार्मेसी के व्यापक सामाजिक एवं व्यावसायिक दायित्वों से परिचित कराना तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में फार्मासिस्ट की भूमिका के प्रति जागरूक कराना था।कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने टीबी, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, जेनेरिक मेडिसिन और ड्रग एब्यूज जैसे विषयों पर प्रस्तुति, लघु नाटिका और जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए। साथ ही Pharmacy Oath के माध्यम से विद्यार्थियों ने सेवा और जिम्मेदारी का संकल्प लिया।

कुलपति प्रो. (डॉ.) ब्रज मोहन पाट पिंगुआ ने शोध और नवाचार, जबकि कुलसचिव डॉ. नीत नैना ने शिक्षा को समाज से जोड़ने पर जोर दिया। कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने युवाओं से कौशल, शोध और सेवा-भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

“युवाओं के कंधों पर देश का भविष्य”- कुलाधिपति प्रभाकर सिंह

विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में शिक्षा और कौशल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से शोध, नवाचार, कौशल विकास और रचनात्मक सोच को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि फार्मेसी के क्षेत्र में नई दवाओं, नई तकनीकों और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अनुसंधान की अपार संभावनाएँ हैं। विद्यार्थियों को इन अवसरों को पहचानते हुए अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग देशहित में करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम और सेवा-भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

शिक्षा को समाज से जोड़ें: कुलसचिव डॉ. नीत नयना

विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीत नैना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान को समाज की आवश्यकताओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि फार्मेसी के विद्यार्थियों के पास विज्ञान, स्वास्थ्य और समाज तीनों क्षेत्रों के बीच सेतु बनने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, नई तकनीक अपनाने और अपने व्यक्तित्व में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि डॉ. सुंदर लाल मार्डी और विशेष अतिथि जितेंद्र सिंह देव ने स्वास्थ्य सेवा में फार्मासिस्ट की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यार्थियों को जनसेवा और जिम्मेदार औषधि उपयोग के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में प्राचार्य सुधांशु शांडिल्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। हर्ष वर्मा, किशोर कुमार, उमा महतो, सफीनाज तैयबा और प्रतीक तिवारी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजन संपन्न हुआ।

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