हाजीपुर नगर परिषद के पूर्व वार्ड पार्षद ने नगर परिषद के सभापति पर लगाया पद के दुरूपयोग का आरोप, जांच शुरू

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हाजीपुर नगर परिषद के पूर्व पार्षद सुभाष कुमार निराला ने लगाया आरोप

सभापति संगीता कुमारी ने अपनों के नाम बनाया करोड़ों की अवैध संपत्ति

हाजीपुर नगर परिषद आरोप प्रत्यारोप का अखाड़ा बना हुआ है। एक पूर्व वार्ड पार्षद ने सभापति पर पद का दुरुपयोग करने की शिकायत दर्ज कराई है। सभी आंकड़ों और आरोपों की जांच प्रक्रिया चल रही है। प्रशासनिक जांच शुरू होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं।

हाजीपुर/वैशाली (खबर जिन्दगी): नगर परिषद की सभापति डॉ. संगीता कुमारी से जुड़े कथित पद के दुरुपयोग, संपत्ति अर्जन और अन्य अनियमितताओं के आरोपों की अब जांच शुरू हो चुकी है। पूर्व वार्ड पार्षद सुभाष कुमार निराला की शिकायत पर वैशाली जिला प्रशासन ने मामले की बिंदुवार जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है।

शिकायत में सभापति, उनके सगे संबंधियों और यहां तक की अधीनस्थ कर्मचारियों को भी लाभ पहुंचाने का आरोप लगा है। अथाह संपत्तियों, प्रधानमंत्री आवास योजना के कथित लाभ और नगर परिषद में एक व्यक्ति की नियुक्ति समेत कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने संपत्तियों में प्रयुक्त धन के स्रोत और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन की मांग की है।

करोड़ों की हेराफेरी ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

शिकायत में सुरतिया देवी के नाम पर वर्ष 2023 से 2026 के बीच करीब ₹99.89 लाख की भूमि खरीद और उस पर करीब ₹70 लाख की भवन लागत होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने इन संपत्तियों के लिए धन के स्रोत और आयकर रिकॉर्ड की जांच की मांग की है।

इसी तरह संध्या चौधरी के नाम पर सितंबर 2024 में लगभग ₹53.03 लाख की भूमि खरीद का उल्लेख शिकायत में किया गया है। वहीं विक्रम कुमार निषाद के नाम पर करीब ₹68.39 लाख की भूमि खरीदे जाने का दावा करते हुए संबंधित वित्तीय स्रोतों की जांच की मांग की गई है।

PM आवास योजना से लेकर नगर परिषद की नियुक्तियों पर सवाल

शिकायत में सुरतिया देवी को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ मिलने पर भी सवाल उठाया गया है। इसके अलावा सोनू कुमार की नगर परिषद में कथित अस्थायी नियुक्ति और उनके परिवार से संबंधित संपत्ति एवं वाहन संबंधी दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है।

ताजा प्रशासनिक कार्रवाई में जांच समिति ने नगर परिषद से PMAY से संबंधित रिकॉर्ड और सोनू कुमार की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। इससे यह साफ हो चला है कि जांच में अब संबंधित सरकारी रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

पांच अधिकारियों की समिति कर रही जांच
वैशाली जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति में सहायक समाहर्ता को अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में अपर समाहर्ता, विभागीय जांच, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जिला अवर निबंधक और राजस्व अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।

शिकायतकर्ता सुभाष कुमार निराला को भी उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। जांच का उद्देश्य शिकायत में लगाए गए सारे आरोपों का दस्तावेजों के आधार पर तथ्यात्मक सत्यापन करना है।

आरोपों के लिए खंगाला जा रहा रिकॉर्ड
मामले में जमीन का केवाला, पैन कार्ड, आवास योजना से जुड़े दस्तावेज, नामांकन पत्र, वाहन संबंधी कागजात और अन्य साक्ष्य जांच के लिए मंगाये गए हैं। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जो  शिकायत की गई है वह दस्तावेजों में हैं या नहीं और किन बिंदुओं पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।

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