बिहार में अमीन गए हड़ताल पर; जमीन मापी ठप्प, 9 अक्टूबर से पटना में शुरू करेंगे बड़ा धरना

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1200 अमीनो की 10 सूत्री मांगों ने जमाबंदी और उत्तराधिकार नामांतरण अभियान को डाला अधर में

पटना/खबर जिन्दगी: बिहार के 1200 अमीन अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे जमाबंदी, जमीन मापी और उत्तराधिकार नामांतरण से जुड़े कामकाज पर असर पड़ने की पूरी संभावना है। अब बिहार राजस्व अमीन संघ ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। इसके लिए उन्होंने 9 अक्टूबर से पटना के गर्दनीबाग में धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है, जिसमें राज्यभर के अमीन शामिल होंगे।

10 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन

अमीनों की ये हड़ताल उनकी 10 सूत्री मांगों को सरकार से पूरी करवाने के लिए की है। उनकी प्रमुख मांगों में वेतनमान को बढ़ाकर पे लेवल 6 तक करना, तबादले की सुविधा, यात्रा भत्ता, रिक्त पदों पर नियुक्ति, पदनाम में बदलाव और प्रमोशन का प्रावधान शामिल है। संघ का कहना है कि इन मांगों को लेकर मार्च में भी सचिव स्तर पर बात बनी थी लेकिन अब तक लागू नहीं हो पाया है।

अमीनों का आरोप है कि तबादले के लिए विभाग की ओर से तीन बार पोर्टल खोला गया, लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। संघ के मुताबिक, कई बीमार और दिव्यांग अमीन अपने गृह जिले से काफी दूर पदस्थापित हैं। उनका शरीर अब काम के लायक नहीं है वो भी लंबे समय से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

इस पद का कोई प्रमोशन नहीं

उनलोगों का कहना है कि अमीनो के प्रमोशन की व्यवस्था तक नहीं है। पदभार ग्रहण करने से लेकर सेवानिवृति तक हम अमीन के पद का नाम अमीन ही रहता है, इसमें प्रोमोशन की कोई गुंजाइश नहीं होती। संघ का तर्क है कि अन्य सरकारी सेवाओं की तरह अमीनों के लिए भी पदोन्नति के अवसर निर्धारित किए जाने चाहिए। उम्र बढ़ने के साथ शरीर कार्य करने के लिए नहीं रह पाता, इसके लिए पदोन्नति जरूरी है।

फील्ड वर्क के लिए यात्रा भत्ता देने की मांग

अमीनों का काम मुख्यतः फील्ड से जुड़ा है। संघ का कहना है कि जमीन मापी और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए उन्हें लगातार विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करना पड़ता है। कई बार तो निजी वाहन से लंबी दूरी 50-100 किलोमीटर तय करनी पड़ती है, लेकिन यात्रा या ईंधन से संबंधित पर्याप्त सरकारी भत्ता नहीं मिलता। अमीनों ने इस खर्च के लिए यात्रा भत्ता देने की मांग की है।

हड़ताल का असर जमाबंदी विशेष अभियान पर भी
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जमाबंदी शुद्धिकरण एवं उत्तराधिकार नामांतरण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के द्वारा जमाबंदी में दर्ज त्रुटियों को ठीक करने और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों के निष्पादन का काम किया जा रहा है। यह विशेष अभियान 31 अक्टूबर तक प्रस्तावित है।

9 अक्टूबर से पटना में बड़ा धरना

5 अक्टूबर को राज्य के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन के बाद अमीन संघ 6 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। अब संघ ने 9 अक्टूबर से गर्दनीबाग, पटना में बड़ा धरना शुरू करने की घोषणा की है।

ऐसे में अमीनों की हड़ताल जारी रहने पर अभियान की कार्यप्रगति प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, इसका वास्तविक असर प्रशासनिक स्तर पर कामकाज और हड़ताल की अवधि पर निर्भर करेगा।

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