सोना देवी विश्वविद्यालय और TCS के बीच समझौता, विद्यार्थियों को मिलेगा औद्योगिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार

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उमेश कांत गिरी, ब्यूरो प्रमुख. घाटशिला. झारखंड

घाटशिला(खबर जिन्दगी): जिस तरह दुनिया में विज्ञान के क्षेत्र में रोज नए नए आविष्कार हो रहे हैं उस तकनीकी ज्ञान को सीखने के लिए कई विद्यार्थी आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में सोना देवी विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के लिए TCS से समझौता कर एक महत्वपूर्ण पहल की है।

सोना देवी मेमोरियल एजुकेशनल फाउंडेशन ट्रस्ट और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS) के बीच एक समझौता हुआ है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक अध्ययन के साथ आधुनिक तकनीक, उद्योग की कार्यप्रणाली और रोजगार से जुड़े कौशल से परिचित कराना है।

TCS iON पाठ्यक्रम से जुड़ेंगे विद्यार्थी

समझौते के तहत TCS iON के उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों के शैक्षणिक कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी नियमित पढ़ाई करते हुए डिग्री के साथ आधुनिक तकनीक और उद्योग-संबंधित क्षेत्रों में अतिरिक्त ज्ञान एवं कौशल हासिल कर सकेंगे। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को सैद्धांतिक अध्ययन के साथ व्यावहारिक कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं और चुनौतियों को समझने का अवसर मिलेगा।

45 घंटे का विशेष प्रशिक्षण

इस स्किल पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को TCS में कुल 45 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में डिजिटल अध्ययन सामग्री, वीडियो, पीडीएफ और अन्य शिक्षण संसाधनों के साथ निर्धारित अध्ययन योजना शामिल होगी।

इसके अलावा TCS की ओर से नामित विषय विशेषज्ञ विश्वविद्यालय परिसर में प्रत्यक्ष कक्षाएं और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेंगे। इससे विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों से संवाद करने, प्रश्न पूछने और विषय के व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिलेगा।

पहले 120 विद्यार्थियों का होगा प्रशिक्षण

विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षण मिल सके इसके लिए 120 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद इन विद्यार्थियों को 60-60 की दो समूहों में बांट कर प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित तय कार्यक्रम के अनुसार TCS के विशेषज्ञ विश्वविद्यालय परिसर में प्रशिक्षण सत्र संचालित करेंगे। विश्वविद्यालय का मानना है कि छोटे समूहों में प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त करने और समझ में मदद मिलेगी।

डिग्री के साथ स्किल्ड हुनर पर जोर

वर्तमान रोजगार बाजार में तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय और उद्योग के बीच सहयोग विद्यार्थियों को कार्यक्षेत्र को प्रैक्टिकली समझने में मदद मिलेगी। इस साझेदारी के जरिए विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ समस्या और समाधान, व्यावहारिक समझ तथा उद्योगों की कार्यप्रणाली से परिचित होने में मदद मिलेगी।

प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर ने बताया महत्वपूर्ण अवसर

सोना देवी विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव एवं प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर अर्चना सिंह का मानना है कि कि TCS के साथ हुआ यह समझौता विद्यार्थियों के लिए सीखने और तकनीकी क्षमता विकसित करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिग्री के साथ हुनर और व्यावहारिक ज्ञान भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और रोजगार संबंधी क्षमताओं के विकास में सहायक होगा।

छात्रों को रोजगार से जोड़ने पर विश्वविद्यालय का जोर

कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। TCS विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं को समझने और अपने तकनीकी कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को रोजगार की आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में यह साझेदारी एक महत्वपूर्ण कदम है।

शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय जरूरी: कुलपति

कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक अनुभव से सशक्त बनाना है। TCS के साथ समझौते से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और उद्योग की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा।

विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य का प्रयास : कुलाधिपति

कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने समझौते को विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा, “आज की शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान को कौशल में और कौशल को रोजगार में बदलना है।” उनके अनुसार, TCS जैसी तकनीकी संस्था के साथ सहयोग से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी अन्य प्रतिष्ठित उद्योगों और संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा, ताकि विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी और रोजगार संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।

विश्वविद्यालय प्रबंधन और TCS के प्रतिनिधि रहे मौजूद

समझौते के अवसर पर TCS के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी श्री प्रभाकर प्रमाणिक और श्री सांचों जोसफ उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की ओर से कुलाधिपति प्रभाकर सिंह, कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा, कुलसचिव डॉ. नीत नयना, सहायक कुलसचिव एवं प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर अर्चना सिंह तथा इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष पूजा तिवारी मौजूद रहीं।

विद्यार्थियों को मिलेगा रोजगार पाने का अवसर

सोना देवी विश्वविद्यालय के अनुसार, TCS के साथ यह समझौता विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय के अनुसार, विद्यार्थियों में कौशल और उद्योग की समझ विकसित की जाए, जिससे वे आगे की शिक्षा और रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

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