सोना देवी विश्वविद्यालय में ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ

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घाटशिला | उमेश कांत गिरि ब्यूरो प्रमुख

घाटशिला, झारखंड: सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला में सोमवार, 26 अक्टूबर को सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ हुआ। ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आयोजित यह कार्यक्रम 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलेगा। पहले दिन वक्ताओं ने भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण के लिए ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।

विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह में पदाधिकारियों, शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि सत्यनिष्ठा व्यक्तिगत चरित्र के साथ-साथ संस्थानों की विश्वसनीयता और सुशासन के लिए भी महत्वपूर्ण है। भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी अहम है।

निबंध, पोस्टर सहित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन, लघु फिल्म प्रदर्शन, पोस्टर निर्माण, स्लोगन लेखन, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी और रंगोली प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

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इसके अलावा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के माध्यम से स्थानीय समुदाय में जागरूकता रैली, पदयात्रा और अन्य जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। सप्ताह के अंतिम चरण में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मार्केटिंग कार्यशाला और मेले का भी आयोजन किया जाएगा।

कुलपति ने बताया सत्यनिष्ठा का महत्व

इस आयोजन के दौरान कुलपति प्रो. डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि किसी राष्ट्र की समृद्धि केवल आर्थिक विकास और तकनीकी उपलब्धियों से तय नहीं होती, बल्कि नागरिकों के चरित्र और संस्थानों की विश्वसनीयता भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सतर्कता का अर्थ केवल अनियमितताओं पर नजर रखना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना और अधिकारों का उचित उपयोग करना भी है।

उन्होंने विश्वविद्यालयों को जिम्मेदार नागरिकों और भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण का प्रमुख केंद्र बताया। डॉ. पिंगुवा ने विद्यार्थियों में नैतिकता, अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने पर भी बल दिया।

नैतिक जागरूकता को बताया सतर्कता की पहचान

राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. शिवचन्द्र झा ने कहा कि सतर्कता को केवल निगरानी तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। यह नैतिक जागरूकता, कर्तव्यपरायणता और सत्यनिष्ठा से जुड़ा व्यापक जीवन-मूल्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी को अपनी पहचान बनाने और अपने आचरण से समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील की।

कुलाधिपति ने पारदर्शिता अपनाने की अपील की

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक जीवन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता से संस्थानों में विश्वास और समाज में सकारात्मक कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिलता है।

भ्रष्टाचार मुक्त समाज का संकल्प: डॉ. कंचन सिन्हा

कार्यक्रम के दौरान इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. कंचन सिन्हा ने उपस्थित शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने अपने कार्यों में ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

डॉ. प्रियंजना बनर्जी ने बताई सप्ताह की रूपरेखा

बांग्ला विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंजना बनर्जी ने कार्यक्रम का संचालन किया और सतर्कता जागरूकता सप्ताह के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ईमानदारी केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि दैनिक जीवन के निर्णयों और कार्यों में निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय समुदाय से शैक्षणिक गतिविधियों तथा संस्थागत कार्यप्रणाली में सत्यनिष्ठा को अपनाने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में कृषि विज्ञान विभाग से जुड़ीं एवं सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने समारोह में शामिल अतिथियों, पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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