विश्वविद्यालय के गेट निर्माण को लेकर एलएस कॉलेज की जमीन पर विवाद; मंगलवार को पूर्व छात्रों का विरोध कार्यक्रम

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सीमांकन प्रतिवेदन लंबित रहने तक काम रोकने की मांग, 27 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन का ऐलान

मुजफ्फरपुर। लंगट सिंह महाविद्यालय (एलएस कॉलेज) की जमीन की सीमा को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। पूर्व प्रत्याशी और छात्र अनिल कुमार सिंह ने बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति पर कॉलेज परिसर के भीतर विश्वविद्यालय का गेट बनवाने का आरोप लगाया है। उन्होंने विश्वविद्यालय थाने को आवेदन देकर निर्माण कार्य रोकने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।

अनिल कुमार सिंह के आवेदन के अनुसार, मुशहरी अंचल के अंचल अमीन द्वारा 21 से 29 सितंबर 2026 के बीच एलएस कॉलेज की जमीन की मापी की गई थी। उन्होंने दावा किया कि मापी के दौरान दीवार पर लाल निशान लगाकर विश्वविद्यालय और कॉलेज की जमीन की सीमा निर्धारित की गई थी। हालांकि, उनके मुताबिक मापी का आधिकारिक प्रतिवेदन अभी प्राप्त नहीं हुआ है।

कॉलेज परिसर में गेट निर्माण को लेकर आपत्ति

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 26 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेज परिसर के अंदर गेट निर्माण का काम शुरू कराया गया। अनिल कुमार सिंह का दावा है कि प्रस्तावित निर्माण कॉलेज की जमीन के भीतर लगभग 150 फीट तक किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि सीमांकन प्रतिवेदन उपलब्ध होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए।

पहले भी पत्र द्वारा उठी थी सीमांकन की मांग

अनिल कुमार सिंह के अनुसार, उन्होंने जमीन की सीमा स्पष्ट करने के लिए बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव, जिलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र दिया था। इसके बाद मुशहरी अंचल के माध्यम से जमीन की मापी कराने की प्रक्रिया शुरू हुई।

उन्होंने यह भी कहा कि 15 सितंबर को कुलपति को ईमेल भेजकर मापी प्रतिवेदन आने तक कॉलेज परिसर में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का आग्रह किया गया था। इस पत्र की प्रति विश्वविद्यालय थाने को भी दिए जाने का दावा किया गया है।

एलएस कॉलेज की जमीन को लेकर क्या है दावा?

अनिल कुमार सिंह ने कहा कि एलएस कॉलेज की स्थापना वर्ष 1899 में हुई थी। उनके दावे के मुताबिक, विश्वविद्यालय की स्थापना के समय कॉलेज के पास लगभग 80 एकड़ जमीन थी, जिसमें से करीब 21 एकड़ जमीन विश्वविद्यालय के लिए दी गई थी।

उन्होंने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालय की जमीन के स्वामित्व एवं सीमाओं से जुड़ी स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व अभिलेख, खेसरा और आधिकारिक सीमांकन प्रतिवेदन सामने आना जरूरी है। इन दावों की पुष्टि संबंधित भूमि अभिलेखों से की जानी बाकी है।

27 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन का ऐलान

आवेदन में अनिल कुमार सिंह ने बताया है कि 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे से पूर्ववर्ती छात्रों और सामाजिक संगठनों की ओर से कथित निर्माण स्थल पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की योजना है। उन्होंने पुलिस से मौके पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित तनाव को रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।

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