बिहार विधानसभा चुनाव 2025 बना अदावत का अखाड़ा। खूनी रंजिश के चलते बिगड़ा बिहार का चुनावी माहौल
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार का माहौल बिगड़ता हुआ नजर आ रहा है। गुरुवार को चुनावी प्रचार में जनसुराज पार्टी के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई। इसमें अनंत सिंह समेत 5 अन्य को नामजद आरोपी बनाया गया है। इस घटना के बाद मोकामा के टाल क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस इलाके में अनहोनी की आशंका से कैंप कर कर रही है।
दुलारचंद टाल क्षेत्र के कभी सबसे चर्चित व्यक्ति थे. 80 और 90 के दशक में इलाके के सबसे प्रभावशाली लोगों में गिने जाते थे। बाहुबली अनंत सिंह से उनकी अच्छी दोस्ती थी। भले दोनों अलग अलग राजनीतिक दलों से जुड़े हुए थे पर इलाके में इनकी दोस्ती लोगों के जुबान पर थी। दोनों का साथ उठना बैठना था। 2022 के उपचुनाव में दुलारचंद ने अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी का समर्थन किया था।
इतने अच्छे दोस्ताना संबंध होने के बावजूद इसी साल दुलारचंद यादव अनंत सिंह को छोड़कर पीयूष प्रियदर्शी के साथ चले गए थे जो जनसुराज से मोकामा के प्रत्याशी हैं, और काफी समय से सोशल मीडिया पर अनंत सिंह के खिलाफ बोल रहे थे. इससे दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था
चुनाव में धानुक समाज से आने वाले पीयूष प्रियदर्शी उर्फ लल्लू मुखिया के लिए प्रचार की कमान संभाल रहे दुलारचंद यादव को गुरुवार को मोकामा के टाल इलाके चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी अनंत सिंह भी चुनाव प्रचार के क्रम में उसी क्षेत्र से गुजर रहे थे। जहां दोनों दलों के समर्थकों में झड़प हुई जिसमें लाठी-डंडों से एक दूसरे पर हमला कर दिया। जिसमें दुलारचंद घायल हो गए। इसी बीच भीड़ में किसी ने गोली चला दी जो दुलारचंद को लगी और उनकी जान चली गई।
इस पूरे घटनाक्रम का ठिकड़ा अनंत सिंह ने सूरजभान सिंह पर फोड़ा है। अनंत सिंह ने कहा ये पूरा खेल सूरजभान सिंह का है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूरजभान ने ही दुलारचंद यादव की हत्या कराई है ताकि चुनाव में नुकसान पहुंचाया जा सके।
हत्या की घटना के पांच घंटे बाद तक ग्रामीणों ने शव उठाने नहीं दिया, जिससे वहां हालात तनावपूर्ण हो गए थे। मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह के समर्थकों ने पहले दुलारचंद यादव के पैर में गोली मारी और फिर कार से कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, अनंत सिंह समर्थकों ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कई वीडियो और फोटो जारी किए हैं।










