जिलाधिकारी के निर्देश पर वाहन चेकिंग का भी विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 155 गाड़ियों की जांच की गई। जिनसे मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए ₹62,500 का जुर्माना वसूला गया।
जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को निर्देश दिया कि मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार शहरी क्षेत्रों में लगातार वाहन जांच जारी रखें। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन सड़क दुर्घटनाओं की मुख्य वजह है।
इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी कुमार सत्येंद्र ने कहा कि 12 महीनों में 8419 वाहनों की जांच की गई।
इसमें 521 मोटरसाइकिल चालक बिना हेलमेट के पकड़े गए। जिससे कुल ₹13,53,509 का जुर्माना मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत वसूला गया।
मुजफ्फरपुर में कई ई रिक्शा और टेंपो चलाने वाले चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। प्रशासन अगर चैकिंग अभियान सही से चलाए तो 30 प्रतिशत ऐसे चालक होंगे जिनके पास वैध लाइसेंस तक नहीं है। लेकिन वो धड़ल्ले और मनमाने तरीके से गाड़ी चलाते हैं। इस पर रोक लगाने की बहुत जरूरत हैं। नहीं तो ये बाद के लिए शहर के लिए सरदर्द बन सकता है।
इस संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि आगे भी इसी तरह कठोर अभियान चलाते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन zero tolerance की नीति पर कार्य कर रहा है।










