खबर महाराष्ट्र की है, जहां एक लड़के को प्रेम करने की सजा मौत के रूप में मिली। इस प्रेमी जोड़े का कसूर बस इतना भर था कि दोनों अलग जाति से थे। यही इस प्रेमी जोड़े का सबसे बड़ा गुनाह बन गया और लड़की के परिजनों ने लड़के की जान ले ली।
जीवन रहते तो लोग अपने प्रेम को जी भी लेते हैं लेकिन मरने के बाद बिना शादी के बिड़ले ही अपने प्रेम को बड़ी शिद्दत से निभा पाते हैं। यहां प्रेम चाहत नहीं बल्कि प्रेम आत्मा में घुल चुका होता है। कुछ ऐसा ही हुआ महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में जहां आशिक की मौत के बाद प्रेमिका ने न सिर्फ उसके नाम का सिंदूर अपने मांग में भरी, बल्कि आजीवन लड़के के घर में रहने की कसम खायी।
दरअसल नांदेड़ जिले के आंचल और सक्षम ताते आपस में प्रेम करते थे, लेकिन सक्षम दूसरी जाति का था। असल में ये प्रेम परवान तब चढ़ा जब सक्षम का आंचल के घर आना जाना हुआ। आंचल के भाई से सक्षम की मित्रता थी। और सक्षम यदा कदा आंचल के घर आता जाता था। इसी दरम्यान सक्षम का आंचल से आमना सामना हुआ। और दोनों के मन में प्रेम का अंकुरण फुट पड़ा। करीब 3 सालों तक इनका अफेयर चलता रहा।
आंचल ने अपने प्रेम की खबर अपने मां-बाप और भाइयों को बताई। बस यहीं से उनके प्रेम पर ग्रहण लग गया। इसके घर में आंचल के फैसले का विरोध शुरू हो गया। विरोध का एक मात्र कारण सक्षम का अलग जाति का होना था। सक्षम के घरवालों ने तो आंचल को बहु के रूप में स्वीकार कर लिया था लेकिन आंचल के घरवाले आंचल को सक्षम से मिलने पर पाबंदी लगा रखी थी। पाबंदी के बावजूद आंचल और सक्षम का मिलना, आंचल के घर वालों को नागवार गुजरा और इनलोगों ने सक्षम को बहुत मारा-पीटा और इतने से भी इनका क्रोध शांत नहीं हुआ और इन्होंने सक्षम के सिर में गोली मार दी और उसके चेहरे को पत्थरों से कुचल दिया।
सक्षम इस दुनिया से जा चुका था, उसकी मौत हो चुकी थी। जब सक्षम के घर उसके अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। आंचल उसके घर पहुंच गई और सक्षम के मृत शरीर पर हल्दी का उबटन लगा उसके हाथों से आंचल ने खुद की मांग भर अपने मृत प्रेमी के शव से शादी रचा ली। और सक्षम के घर ही रहने का फैसला लिया। आंचल ने सक्षम के हत्यारों अपने पिता और भाइयों के लिए कानून से मौत की सजा मांगी है। फिलहाल पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।










