मुजफ्फरपुर जिले को नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पुरुस्कृत किया गया है। जिले को विकास कार्यों के लिए लगभग 10 करोड़ का प्रोत्साहन राशि दिया जाएगा। जिसके द्वारा जिले में 8 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुजफ्फरपुर जिले को नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर लगभग 10 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। यह जिले के लिए गौरव और उपलब्धि का ऐतिहासिक क्षण है। जिले में चलाये गये अभियानो, जमीनी स्तर पर नियमित निरीक्षण एवं अधिकारियों के साथ की गई समीक्षा ने जिले के विकास को गति दी। जिसके परिणाम स्वरूप जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। अब जिला पदाधिकारी द्वारा तैयार कार्य योजना एवं अनुशंसा के आलोक में नीति आयोग द्वारा 9 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से 8 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के माध्यम से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ कर गांवों की तस्वीर बदलेगी।
नवोदय विद्यालय खरौनाडीह का विकास
कुढ़नी प्रखंड स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय खरौनाडीह में 3 करोड़ 8 लाख 3 हजार 34 रुपये की लागत से बालिका छात्रावास का निर्माण, डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना, मेडिकल कक्ष का निर्माण तथा वॉटर प्यूरीफायर की व्यवस्था की जाएगी। इसमें 1 करोड़ 20 लाख 49 हजार 374 रुपये की लागत से बालिका छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी और संचार क्रांति के लिए 1 करोड़ 44 लाख 29 हजार 299 रुपये की लागत से डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त 28 लाख 29 हजार 381 रुपये की लागत से मेडिकल कक्ष का निर्माण किया जाएगा। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 14 लाख 95 हजार रुपये की लागत से 13 आरओ प्यूरीफायर स्थापित किए जाएंगे।
7 केजीबी को 4.70 करोड़ की सौगात
ग्रामीण क्षेत्र के कमजोर वर्ग की वंचित बच्चियां को नि:शुल्क आवासीय एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 4 करोड़ 70 लाख की लागत से बहुद्देशीय हॉल, पुस्तकालय सह कंप्यूटर कक्ष का निर्माण किया जाएगा। यह कार्य बोचहा,गायघाट ,कटरा, कुढ़नी, मरबन, मुरौल, मुसहरी एवं साहेबगंज में निर्माण किया जाएगा। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के कमजोर वर्ग की बच्चियों को नि:शुल्क आवासीय शिक्षा मिल पायेगा।
50 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में उच्च चिकित्सा व्यवस्था
जिले के 50 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को आवश्यक दवाओं, जांच उपकरणों, प्रसव संबंधी सामग्री और जीवन रक्षक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा। इन केंद्रों का उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है, ताकि ग्रामीण जनता को अपने ही क्षेत्र में बेहतर इलाज मिल सके। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की जांच, परिवार नियोजन, पोषण परामर्श तथा नियमित स्वास्थ्य जांच जैसी सेवाएं सुलभ होंगी।
7 CHC में आपातकालीन प्रसव एवं सिजेरियन सुविधा
ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सदर, पारु, मुरौल, मीनापुर, औराई, कुढ़नी एवं गायघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में 24 घंटे प्रसूति सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ सारी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेगी। इसमें कुल मिलाकर, 30 लाख रुपये की लागत से मेडिकल सामग्री की उपलब्धता और 53 लाख रुपये की लागत से सिजेरियन एवं आपातकालीन प्रसव सुविधा पर खर्च किया जाएगा।
किसानों के लिए वेयरहाउस का निर्माण
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जिले के मुसहरी प्रखंड अंतर्गत कन्हौली विशुनदत्त पंचायत के हरपुर बखरी गांव में कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण हेतु 1000 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक वेयरहाउस का निर्माण 95 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा।
इस तरीके से मुजफ्फरपुर के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को एक नया आधुनिक परिवेश जिसमें कृषि, शिक्षा के साथ साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया बदलाव दिखेगा। जिससे जीवन और बेहतर और सुदृढ़ होगा।










