“कांग्रेस मतलब मुस्लिम और मुस्लिम मतलब कांग्रेस” कहने वाले तेलंगान के कांग्रेसी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का एक और बयान फिर से सुर्खियों में आ गया। रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में आयोजित जमीयत उलमा तेलंगाना की परामर्श बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मुस्लिमों के 4 प्रतिशत की आरक्षण को स्थाई कर देंगे।
हैदराबाद में आयोजित जमीयत उलमा तेलंगाना की परामर्श बैठक में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि दम है तो राज्य में सरकार बनाकर दिखाएं। रेड्डी ने कहा कि वह ऐसा कानून बनाएंगे कि मुस्लिमों के 4 प्रतिशत के आरक्षण को कभी भी खत्म नहीं किया जा सकता है। इन्होंने राज्य में नफरती भाषण के खिलाफ कानून लाने में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस सुदर्शन रेड्डी की मदद लेने का ऐलान किया है।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि उन्होंने तेलंगाना में जातीय सर्वेक्षण कराया था। जिसके आंकड़ों के आधार पर अल्पसंख्यकों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण को स्थाई करने में मदद मिलेगी। जब भी सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण की बात आएगी तब यह डॉक्यूमेंट कोर्ट में जमा कर देंगे, जिससे 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ इन्हें मिलने लगेगा।
इसके पहले बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिल्ली के महबूबनगर में तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी पर तुष्टिकरण करने का आरोप लगाया था। साथ ही तेलुगु भाषा और संस्कृति को दबाने का भी आरोप लगाया, जिसको अमित शाह भी कई बार कह चुके हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री का यह भाषण फिर से राजनीतिक टकराव और बहस को बढ़ावा दे सकता है।










