भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) मुजफ्फरपुर पश्चिमी कार्यालय में पदस्थापित कार्यपालक सहायक राकेश रंजन का नियोजनजिलाधिकारी मुजफ्फरपुर द्वारा समाप्त करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा मुक्त कर दिया है।
मुजफ्फरपुर में सरकारी कार्यालयों की पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेह बनाने के लिए जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर ने कठोर कार्रवाई किया है। यह कार्रवाई कार्यालय में अवैध राशि के लेन-देन से संबंधित एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद की गई है।
आपको बता दें कि बीते 3 फरवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें भूमि सुधार उपसमाहर्ता पश्चिमी कार्यालय में कार्यरत कार्यपालक सहायक राकेश रंजन पर रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर चलने लगा। वीडियो के संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी ने मामले का त्वरित जांच का आदेश दिए। जिसकी जिम्मेदारी भूमि सुधार उपसमाहर्ता, मुजफ्फरपुर पश्चिमी को सौंपी गई।
डीसीएलआर पश्चिमी द्वारा मामले से संबंधित वीडियो, कार्यालय की कार्यप्रणाली एवं अन्य उपलब्ध तथ्यों, साक्ष्यों की छानबीन किया। इसके साथ ही कार्यपालक सहायक राकेश रंजन से स्पष्टीकरण भी मांगा गया। जांच के दौरान एवं स्पष्टीकरण के जवाब में कार्यपालक सहायक द्वारा अपने बचाव में कोई ठोस तथ्य, साक्ष्य अथवा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं कर सके।
छानबीन में आरोपों को सही माना गया और इसे सरकारी कार्यालय की गरिमा, प्रतिष्ठा और प्रशासनिक व्यवस्था को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया गया। आगे की कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन को सौंपी गई, जिस पर त्वरित निर्णय लेते हुए उन्होंने कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया।
जिला पदाधिकारी के आदेशानुसार, कार्यपालक सहायक राकेश रंजन का नियोजन समाप्त कर उन्हें तत्काल सेवा मुक्त कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने दोहराया है कि भविष्य में भी यदि किसी भी सरकारी कार्यालय या कर्मी के विरुद्ध अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।










