आखिर इंसान इतना निर्दयी कैसे हो सकता है। महज 24 दिन के बच्चे से किसी की क्या दुश्मनी हो सकती है। वो बच्चा जिसने इस धरती, प्रकृति और इंसान में सिर्फ अपनी मां के अलावा किसी को जाना तक नहीं, फिर भी आखिर किसने इसकी जान ले ली और वह भी बड़े वीभत्स तरीके से।
मामला वाल्मिकीनगर का है जहां महज 24 दिन के बच्चे की जान ले ली गई। घटना सुबह की है जहां रामपुरवा पंचायत के थारू टोला वार्ड 7 में नवजात बच्चे के गले में नुकीले हथियार से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया गया। जब इस वारदात को अंजाम दिया गया तब बच्चे की मां बच्चे को बिछावन पर छोड़ शौच के लिए घर से बाहर गई थी। जब वह लौट कर आई तो बच्चे को बिछावन पर न देख घबरा गई। उसने बच्चे को ढूंढना शुरू किया तो बच्चा घर के पिछले हिस्से में मरा हुआ पाया गया।
उसकी चीख-पुकार को सुन कर पड़ोसियों को जानकारी मिली। गांव के लोगों ने फिर पुलिस को फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंच जांच में जुट गई है। वैज्ञानिक तरीके से छानबीन करने के लिए पुलिस की फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पूरी छानबीन के बाद पुलिस जब अपराधी को पकड़ेगी तभी पता चलेगा कि अपराध क्यों किया गया है।
इनसब के बीच यह घटना हमारे समाज की सच्चाई को भी बयां कर रही है कि हमारा समाज आखिर कहां जा रहा है। इस घटना ने सरकार की कलई भी खोली है। सरकार जहां गांव और शहरों को ODF घोषित कर रही है वहीं किसी महिला का घर के बाहर निकल शौच के लिया जाना सरकार के घोषणाओं की जमीनी हकीकत को भी दिखा रहा है।








