बाजार में मैसेजिंग ऐप से फ्रॉड का एक नया तरीका आ चुका है। बैंक का नोटिफिकेशन, बिजली बिल का फर्ज्री नोटिफिकेशन, सीबीआइ केस, ईडी का शिकंजा और अब तो ट्रैफिक चालान से फ्रॉडगिरी। पुलिस पुलिस भी अब इसे नेटवर्क को तोड़ने में नाकाम हो रही है।
मामला तेलंगाना से है लेकिन यह भारत के किसी भी राज्य में हो सकता है। तेलंगाना के एक शख्स के मोबाइल पर ट्रैफिक पुलिस कार्यालय से ई-चलान का एक SMS आता है जिसमें लिखा होता है कि आपके गाड़ी का चालान कटा है जिसमें आपको 24 घंटे के अंदर 500 रुपए का चालान भरना है।
पीड़ित व्यक्ति ने तुरंत बताए गए निर्देश के द्वारा चालान भरा। जिसमें सिर्फ क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से फाइन भरने को बोला गया था। जैसे ही उसने इस फर्जी वेबसाइट पर अपने डेबिट कार्ड का डिटेल्स भर कर सबमिट किया, इसके अकाउंट से 6 लाख रुपए कट गए।उसने तुरंत इस बात की साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। अब पुलिस छानबीन कर इस नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
दरअसल होता यह है कि SMS के द्वारा जो नोटिफिकेशन आया होता है उसमें एक लिंक होता है, जो APK लिंक होता है। इस लिंक को क्लिक कर खोले पर यह हूबहू संबंधित विभाग या बैंक के वेबसाईट पेज जैसा ही होता है जिससे आप शक नहीं कर पाते हैं। जिस पर जानबूझकर सिर्फ क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट का ऑप्शन यूजर्स को मिलता है। UPI या नेट बैंकिंग का ऑप्शन होता ही नहीं है जिससे ट्रांजैक्शन ट्रेस न हो सके।
ऐसा ही एक मामला बीते दिनों बिहार के भागलपुर में भी आया था जहां विवेक कुमार नाम के व्यक्ति को ऐसा ही SMS आया था। जिसके अकाउंट से 3 बार में 7000 रुपए फर्जी तरीके से इस गिरोह ने निकाल लिए। वह इसकी शिकायत लेकर परिवहन कार्यालय पहुंचा। जहां उससे बताया गया कि ऐसा कोई मैसेज विभाग के द्वारा गया ही नहीं। फिर विवेक ने साइबर थाने में इस फ्रॉड की रिपोर्ट दर्ज कराई।
प्रयोगकर्ता से कार्ड नंबर, CVV और एक्सपायरी डेट जैसी डिटेल्स मांगी जाती है। इसमें सबसे बड़ी बात यह होती है कि अगर पेमेंट फेल भी हो जाए तब भी वेबसाइट बार-बार डिटेल डालने देती है जिससे ठग एक ही व्यक्ति की कई कार्ड डिटेल्स हासिल कर लें। लेकिन बैंक ऐसा नहीं करने देती। अगर 3 बार आपके ट्रांजैक्शन फैल हो गए तो खाताधारक को या तो बैंक जान होता है या संबंधित खाता 24 घंटे के लिए ब्लॉक हो जाता है।
इससे बचने के लिए अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आए तो सबसे पहले echallan.parivahan.gov.in की सरकारी और आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल पर जाकर पहले गाड़ी का नंबर से चेक करें तब ही भुगतान करे। अगर फिर भी आपके सात फर्जरी हो जा रही है तो तुरंत 1930 पर कॉल कर नजदीकी थाने में संपर्क करें। जिससे उस अकाउंट को फ्रीज किया जा सके।








