जेन जी आंदोलन ने कानून व्यवस्था किया किया था ध्वस्त… अब नेपाल सरकार के छूट रहे पसीने।

नेपाल में युवाओं के जेन जी आंदोलन के दौरान पूरी कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। पूरी सरकार ही सड़क पर आ चुकी थी। इससे नेपाल के कई जेलों में भी अव्यवस्था फैल चुकी थी। जिसका फायदा कैदियों ने भी उठाया और 30 देशों के कुल 645 कैदी फरार हो गए। जिनमें से सबसे ज्यादा भारत के कैदियों की संख्या है।
नेपाल सरकार ने भारत के सुरक्षा अधिकारियों से जो रिपोर्ट साझा किया है उसके अनुसार भारत के 542 कैदी तब के आंदोलन से नेपाल के जेलों से फरार हैं।और 103 कैदी दूर देशों के हैं। नेपाल के गृह मंत्रालय ने भारतीय सुरक्षा अधिकारियों से उन्हें पकड़ने में मदद करने का आग्रह किया है। इन फरार कैदियों से भारत की सुरक्षा व्यवस्था को भी खतरा हो सकता है।
उक्त जानकारी गृह मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। बताया गया है कि जेल से भागने वाले विदेशी कैदी ज़्यादातर भारत में हैं। नेपाल पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्र के अपराधियों को पकड़ने के लिए कैदियों के बारे में भारत के अधिकारियों के साथ सूचना आदान प्रदान किया था, जिनमें से कई कैदी पकड़े भी गए हैं।
पिछले दिनों आठ सितम्बर को नेपाल में राजधानी काठमांडू सहित अन्य जगहों से विरोध प्रदर्शनों के दौरान नेपाल के 20 जेलों से 30 देशों के 645 कैदी फरार हुए थे। गृह मंत्रालय ने कहा है कि उनकी सूची के साथ एक नोट तैयार करने का काम चल रहा है। कैदियों की सूची, उनके अपराध तथा जेल में बिताई जाने वाली शेष अवधि का अंग्रेजी में अनुवाद करने का कार्य चल रहा है।
विदेश मंत्रालय द्वारा संबंधित देशों के दूतावासों के माध्यम से जेल से भागे विदेशी कैदियों को गिरफ्तार करने की पहल शुरू की गई है।









