
सोनपुर मंडल के रेलवे के एक कर्मचारी को किसी और संस्थान में नौकरी मिल गई तो उसने रेलवे के सोनपुर मंडल से त्यागपत्र दे दिया। लेकिन त्याग पत्र स्वीकार करने के बदले में उससे रिश्वत की मांग की गई। फिर पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग को कर दी। विजिलेंस विभाग ने फौरन कार्रवाई करते हुए सोनपुर मंडल के एसएंडटी संवर्ग से संबंधित कार्यालय अधीक्षक के कर्मचारी मृत्युंजय कुमार को रेलवे विजिलेंस द्वारा 15,000 की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए पकड़ा गया।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार कार्यालय को एक शिकायत प्राप्त हुई थी कि मंडल के एक रेलवे कर्मचारी के त्यागपत्र पर कार्यवाही करने के लिए 30,000 की अवैध मांग की जा रही है क्योंकि इस कर्मचारी को एक बेहतर नौकरी मिल गई है और वह रेलवे की नौकरी छोड़कर नई नौकरी ज्वाइन करना चाहता है।
शिकायत के सत्यापन के बाद स्वतंत्र गवाहों के साथ एक टीम का गठन किया गया। शिकायतकर्ता ने फिर रिश्वत मांगने वाले कार्यालय अधीक्षक से संपर्क किया और उक्त कर्मचारी को रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए पकड़ा गया। रिश्वत न देने के कारण पिछले 4 महीनों से त्यागपत्र पर कार्यवाही नहीं की जा रही थी।








