
चुनाव का मौसम आते ही मुंगेर में हथियारों की मंडी में तेजी आ जाती है। ऐसे में मुंगेर से सटे अन्य जिलों में भी हथियारों की कई फैक्ट्रियां गुपचुप तरीके से खुलने लगती है। लेकिन कहते है न कि कानून के हाथ बड़े लंबे होते हैं। और इन्हीं लंबे हाथों से कोई बच नहीं सकता। और यही हुआ नालंदा के सोहसराय में जहां पुलिस ने एक मिनी गन फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है, जिसे पिता-पुत्र मिल कर चला रहे थे।
पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने गुरुवार को मंसूरगंज छोटी पहाड़ी इलाके में एक घर पर छापेमारी की। मौके से अवैध हथियार बनाते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया। घर की तलाशी में एक देसी कट्टा, दो आधे बने कट्टे, एक जिंदा गोली और हथियार बनाने के दर्जनों उपकरण व मशीनें बरामद हुई हैं।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मंसूरगंज छोटी पहाड़ी निवासी दिलीप मिस्त्री अपने घर में अवैध हथियार बनाने का काम करता है। सूचना के सत्यापन के बाद सोहसराय थाना पुलिस और सीआरपीएफ 541 बटालियन की एक संयुक्त टीम तैयार की गई। टीम ने गुरुवार को दिलीप मिस्त्री के घर पर छापेमारी की।
पुलिस ने मौके से दिलीप मिस्त्री और उसके बेटे आदित्य कुमार को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे लंबे समय से घर में ही अवैध हथियार बनाकर बेच रहे थे।
हथियार बनाने के औजारों का जखीरा मिला
घर की तलाशी लेने पर पुलिस को वहां से एक बना हुआ देसी कट्टा, .315 बोर के दो अधबने कट्टे, तीन अर्द्धनिर्मित बैरल और एक जिंदा गोली मिली। इसके अलावा 5,950 रुपये नकद भी बरामद किए गए।
मौके से हथियार बनाने के औजारों का जखीरा मिला है, जिसमें कई कंपनियों के ग्राइंडर, वेल्डिंग मशीन, कटर मशीन, आरी, रेती, स्प्रिंग, लोहे की चादरें और कट्टा बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई अन्य उपकरण शामिल हैं।
चुनाव को लेकर चल रहा था अभियान
पुलिस ने बताया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह सफलता मिली है। इस संबंध में सोहसराय थाना में केस दर्ज कर गिरफ्तार पिता-पुत्र से पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।








